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महापौर ने अधिकारियों को किया तलब
Varanasi
Updated Wed, 26 Feb 2014 05:30 AM IST
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वाराणसी। सीवर, ड्रेनेज व पेयजल की योजनाओं में अब तक हुए कार्यों से नगरवासियों को कोई लाभ नहीं पहुंचा है। इस संबंध में पूछे गए सवालों का जवाब न मिलने पर महापौर रामगोपाल मोहले मंगलवार को कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारियों पर भड़क गए। उनका कहना था कि कई अरब रुपये खर्च हो चुके हैं। इसके बावजूद सुविधाएं बढ़ने के उलट लोगों की दुश्वारियां और बढ़ गई हैं। इस संबंध में उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब किया। साथ ही कार्यों में देरी और गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए केंद्र व प्रदेश सरकार को पत्र लिखने की चेतावनी भी दी।
महापौर ने बैठक में अधिकारियों से सवाल किया कि जेएनएनयूआरएम के तहत हो रहे सीवर, ड्रेनेज तथा पेयजल की योजनाओं के कार्यों की निगरानी हो रही है अथवा नहीं। गुणवत्ता के साथ ही मानक का पालन हो रहा अथवा नहीं। अधिकारियों ने बताया कि कार्यों की निगरानी के लिए केंद्र सरकार ने इंडिपेंडेंट रिव्यू एंड मानिटरिंग एजेंसी (इरमा) को जिम्मेदारी सौंपी है। कार्यदायी संस्थाएं कार्यों की रिपोर्ट इरमा को भेजती हैं। महापौर ने अधिकारियों से फिर सवाल किया कि वे स्वयं अब तक के कार्यों से संतुष्ट हैं अथवा नहीं। इस पर अधिकारियों ने चुप्पी साध ली। उन्होंने गुणवत्ता पर सवाल उठाया और अधिकारियों से कड़े शब्दों में नाराजगी जताई। उनका कहना था कि सभी योजनाएं जनता की सुविधाओं से जुड़ी हैं। उन्होंने कार्यों में अनियमितताओं तथा विलंब के बारे में अधिकारियों से लिखित जवाब मांगा। साथ ही अधिकारियों से यह भी पूछा कि कार्यों में विलंब तथा गड़बड़ी के लिए कार्यदायी संस्थाओं पर अभी तक पेनाल्टी लगाई गई है अथवा नहीं। जहां भी सीवर, ड्रेनेज व पेयजल की पाइप लाइन मार्गों पर खुदाई कर डाली गई है, वहां सड़कों का निर्माण कब होगा। उन्होंने ओवरहेड टैंक के निर्माण के लिए अब तक हुई प्रगति की जानकारी भी ली।
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महापौर ने बैठक में अधिकारियों से सवाल किया कि जेएनएनयूआरएम के तहत हो रहे सीवर, ड्रेनेज तथा पेयजल की योजनाओं के कार्यों की निगरानी हो रही है अथवा नहीं। गुणवत्ता के साथ ही मानक का पालन हो रहा अथवा नहीं। अधिकारियों ने बताया कि कार्यों की निगरानी के लिए केंद्र सरकार ने इंडिपेंडेंट रिव्यू एंड मानिटरिंग एजेंसी (इरमा) को जिम्मेदारी सौंपी है। कार्यदायी संस्थाएं कार्यों की रिपोर्ट इरमा को भेजती हैं। महापौर ने अधिकारियों से फिर सवाल किया कि वे स्वयं अब तक के कार्यों से संतुष्ट हैं अथवा नहीं। इस पर अधिकारियों ने चुप्पी साध ली। उन्होंने गुणवत्ता पर सवाल उठाया और अधिकारियों से कड़े शब्दों में नाराजगी जताई। उनका कहना था कि सभी योजनाएं जनता की सुविधाओं से जुड़ी हैं। उन्होंने कार्यों में अनियमितताओं तथा विलंब के बारे में अधिकारियों से लिखित जवाब मांगा। साथ ही अधिकारियों से यह भी पूछा कि कार्यों में विलंब तथा गड़बड़ी के लिए कार्यदायी संस्थाओं पर अभी तक पेनाल्टी लगाई गई है अथवा नहीं। जहां भी सीवर, ड्रेनेज व पेयजल की पाइप लाइन मार्गों पर खुदाई कर डाली गई है, वहां सड़कों का निर्माण कब होगा। उन्होंने ओवरहेड टैंक के निर्माण के लिए अब तक हुई प्रगति की जानकारी भी ली।
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