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हनी से करीबी और रेलवे के ठेके के विवाद में तो नहीं गई जान
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वाराणसी। विवेक यूपी कॉलेज के छात्रसंघ के अध्यक्ष पद के लिए खुद की किस्मत आजमाने की तैयारी कर रहा था। साथ ही विवेक पूर्व में 50 हजार के इनामी बदमाश रहे अभिषेक सिंह उर्फ हनी का करीबी था। हाल ही में लहरतारा स्थित डीआरएम कार्यालय पर मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन के वाहन स्टैंड के ठेके को लेकर मारपीट और हवाई फायरिंग के दौरान हनी की ओर से विवेक अपने साथियों के साथ सामने आया था। इस वजह से विरोधी खेमे के लोगों की नजर में विवेक खटकने लगा था और एक पखवारे से उसकी गतिविधियों की रेकी की जा रही थी।
विवेक की हत्या की एक वजह छात्रसंघ चुनाव की रंजिश, छात्र गुटों के बीच का विवाद और नामजद आरोपी अनुपम नागवंशी से दो साल पहले हुई मारपीट भी बताई जा रही है। तफ्तीश कर रही पुलिस टीमों के अनुसार, दो साल पुराने मारपीट के प्रकरण को लेकर इतनी नृशंस तरीके से कोई किसी की हत्या नहीं कर सकता। हत्या का कारण तात्कालिक है और ऐसा है कि हनी तक स्पष्ट संदेश पहुंच जाए कि दोबारा यदि रेलवे के ठेके में बाधा बनने की कोशिश की गई तो यही अंजाम होगा। वहीं, क्राइम ब्रांच पता लगा रही है कि विवेक के मोबाइल पर आखिरी कॉल किसकी आई थी। माना जा रहा है कि मंगलवार तक विवेक के मोबाइल की कॉल डिटेल मिल जाएगी, तब तफ्तीश में और सहूलियत मिलेगी।
गाजीपुर के शूटर का करीबी है नागवंशी
विवेक की हत्या में नामजद अनुपम नागवंशी बीते साल जमानत पर जेल से छूटा था। नागवंशी यूपी कॉलेज के ही छात्र सर्वेश सिंह पर जानलेवा हमला करने के आरोप में जेल गया था। अनुपम को एक विधायक के करीबी गाजीपुर के कुख्यात शूटर का नजदीकी बताया जाता है। पुलिस सूत्रों के अनुसार उसी शूटर ने अनुपम को कहा है कि जरायम जगत में यदि तेजी से आगे बढ़ना है तो सनसनीखेज वारदातों को अंजाम दो। पुलिस को आशंका है कि वर्चस्व की लड़ाई में खुद को स्थापित करने के लिए हनी और उसके करीबी जल्द ही पलटवार कर सकते हैं।
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हमें जाने दीजिए भैया... हमसे कुछ न पूछिए
विवेक की हत्या के बाद यूपी कॉलेज के हॉस्टलों में रहने वाले छात्र भयभीत हैं। सोमवार सुबह कई छात्र हॉस्टल छोड़ कर घर चले गए। इस बीच कई छात्रों से अमर उजाला के संवाददाता ने वारदात के संबंध में जानना चाहा तो उनका कहना था कि हमें जाने दीजिए भैया... हमसे कुछ न पूछिए... पुलिस वाले हैं... आप उनसे बात कर लीजिए। वहीं, विवेक को जहां गोली मारी गई वहां उसकी चप्पल पड़ी हुई थी। घटनास्थल पर छात्रों का जमावड़ा लगा था। उधर, यूपी कॉलेज परिसर के आसपास के दुकानदारों ने भी चुप्पी साधे रखी।
विवेक की हत्या से परिवार में कोहराम
मेहनाजपुर (आजमगढ़)। विवेक की हत्या किए जाने की सूचना मिलने पर परिवार में कोहराम मच गया। ग्रामीण भी सकते में हैं। परिजनों के अनुसार विवेक दो भाई और एक बहन में छोटा था। उसका बड़ा भाई अभिषेक सिंह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है। गांव के उदय सिंह बब्बू ने बताया कि रात को ही घटना की सूचना मिलने पर सभी लोग वाराणसी आ गए थे। शव का पोस्टमार्टम होने के बाद गाजीपुर जिले के औड़िहार घाट पर अंतिम संस्कार किया गया।
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विवेक की हत्या की एक वजह छात्रसंघ चुनाव की रंजिश, छात्र गुटों के बीच का विवाद और नामजद आरोपी अनुपम नागवंशी से दो साल पहले हुई मारपीट भी बताई जा रही है। तफ्तीश कर रही पुलिस टीमों के अनुसार, दो साल पुराने मारपीट के प्रकरण को लेकर इतनी नृशंस तरीके से कोई किसी की हत्या नहीं कर सकता। हत्या का कारण तात्कालिक है और ऐसा है कि हनी तक स्पष्ट संदेश पहुंच जाए कि दोबारा यदि रेलवे के ठेके में बाधा बनने की कोशिश की गई तो यही अंजाम होगा। वहीं, क्राइम ब्रांच पता लगा रही है कि विवेक के मोबाइल पर आखिरी कॉल किसकी आई थी। माना जा रहा है कि मंगलवार तक विवेक के मोबाइल की कॉल डिटेल मिल जाएगी, तब तफ्तीश में और सहूलियत मिलेगी।
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गाजीपुर के शूटर का करीबी है नागवंशी
विवेक की हत्या में नामजद अनुपम नागवंशी बीते साल जमानत पर जेल से छूटा था। नागवंशी यूपी कॉलेज के ही छात्र सर्वेश सिंह पर जानलेवा हमला करने के आरोप में जेल गया था। अनुपम को एक विधायक के करीबी गाजीपुर के कुख्यात शूटर का नजदीकी बताया जाता है। पुलिस सूत्रों के अनुसार उसी शूटर ने अनुपम को कहा है कि जरायम जगत में यदि तेजी से आगे बढ़ना है तो सनसनीखेज वारदातों को अंजाम दो। पुलिस को आशंका है कि वर्चस्व की लड़ाई में खुद को स्थापित करने के लिए हनी और उसके करीबी जल्द ही पलटवार कर सकते हैं।
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हमें जाने दीजिए भैया... हमसे कुछ न पूछिए
विवेक की हत्या के बाद यूपी कॉलेज के हॉस्टलों में रहने वाले छात्र भयभीत हैं। सोमवार सुबह कई छात्र हॉस्टल छोड़ कर घर चले गए। इस बीच कई छात्रों से अमर उजाला के संवाददाता ने वारदात के संबंध में जानना चाहा तो उनका कहना था कि हमें जाने दीजिए भैया... हमसे कुछ न पूछिए... पुलिस वाले हैं... आप उनसे बात कर लीजिए। वहीं, विवेक को जहां गोली मारी गई वहां उसकी चप्पल पड़ी हुई थी। घटनास्थल पर छात्रों का जमावड़ा लगा था। उधर, यूपी कॉलेज परिसर के आसपास के दुकानदारों ने भी चुप्पी साधे रखी।
विवेक की हत्या से परिवार में कोहराम
मेहनाजपुर (आजमगढ़)। विवेक की हत्या किए जाने की सूचना मिलने पर परिवार में कोहराम मच गया। ग्रामीण भी सकते में हैं। परिजनों के अनुसार विवेक दो भाई और एक बहन में छोटा था। उसका बड़ा भाई अभिषेक सिंह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है। गांव के उदय सिंह बब्बू ने बताया कि रात को ही घटना की सूचना मिलने पर सभी लोग वाराणसी आ गए थे। शव का पोस्टमार्टम होने के बाद गाजीपुर जिले के औड़िहार घाट पर अंतिम संस्कार किया गया।