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पुलिस समाज का अंग, इसकी कठिनाई समझें

Tue, 28 Aug 2018 01:16 AM IST
Updated Tue, 28 Aug 2018 01:16 AM IST
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पुलिस समाज का अंग, इसकी कठिनाई समझें
भदोही। पुलिस समाज का ही अंग है। इसी समाज से निकलकर लोग पुलिस में आते हैं और लोकसेवक बनते हैं। इसको लेकर कोई पूर्वाग्रह से प्रेरित धारणा बनाना ठीक नहीं। पुलिस की कठिनाई भरी कार्यप्रणाली को करीब से समझने की जरूरत है। कानून की सामान्य जानकारी रखें और यातायात के नियमों का पालन करें। पुलिस अधीक्षक राजेश एस ने सोमवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से वुडवर्ड पब्लिक स्कूल भदोही में आयोजित ‘पुलिस की पाठशाला’ में छात्र-छात्राओं के सवालों के जवाब देते हुए ये बातें कहीं। पुलिस कप्तान एक अनुभवी शिक्षक की तरह छात्र-छात्राओं को कानून की बारीकियां, सुरक्षा के उपाय और पुलिस की कार्य प्रणाली समझाई। विद्यार्थियों से सीधा संवाद करते हुए उन्होंने कहा कि सामान्य कायदों के प्रति स्वत: जागरूक होने की जरूरत है। अगर हम एटीएम, बैंक या स्टेशन आदि पर भीड़ होने की स्थिति में खुद ही कतारबद्ध हो जाएं तो लाइन लगवाने के लिए पुलिस की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। उन्होंने कहा कि सड़क पर चलते समय हमें यह ध्यान रखना चाहिए कि हमारी स्वतंत्रता वहीं तक है, जहां से दूसरे की नाक शुरू होती है। बाइक चलाते समय हेलमेट की अहमियत समझाते हुए उन्होंने छात्रों से सवाल किया कि ‘पिलियन राइडिंग’ क्या है? फिर खुद ही जवाब भी दिया-बाइक पर पीछे बैठने वाला सवार। कहा कि सुरक्षा के लिए बाइक पर पीछे बैठे व्यक्ति को भी हेलमेट पहनना चाहिए। इसके लिए उन्होंने फॉर्मूला-1 और अन्य बाइक रेस का उदाहरण दिया। बढ़ते साइबर क्राइम पर पुलिस कप्तान ने कहा कि आजकल ज्यादातर लोग फेसबुक और वाट्सएप समेत तमाम सोशल नेटवर्किंग साइट्स का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन उससे सुरक्षा को लेकर सतर्कता नहीं बरती जाती। फेसबुक चलाते समय हमेशा प्राइवेसी सेटिंग्स का उपयोग करना चाहिए। ताकि आपकी गोपनीयता भंग न हो। उन्होंने छात्र-छात्राओं को पुलिस की कार्यप्रणाली करीब से देखने के लिए थाने में भ्रमण के लिए आमंत्रित किया। अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय कुमार ने थाने की कार्यप्रणाली बताते हुए छात्र-छात्राओं के प्रश्नों का सटीक उत्तर देकर उनकी शंकाओं का समाधान किया। पुलिस पदानुक्रम, एफआईआर, विवेचना, सुरक्षा के प्रति जनता के उत्तरदायित्व आदि समझाते हुए उन्होंने छात्र-छात्राओं को मानसिक रूप से मजबूत रहने की नसीहत दी। कहा कि कानून की सामान्य समझ विकसित करके आप अपनी वकालत खुद कर सकते हैं। इससे पूर्व कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों को माल्यार्पण के साथ हुई। स्कूल की प्रिंसिपल शालिनी मेहरा ने अतिथियों का स्वागत किया। डायरेक्टर पुनीत मेहरा ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक वीके पांडेय ने किया।
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