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नए साल पर पतंगबाजी के लिए खूब बिका चाइनीज मंझा
Updated Mon, 01 Jan 2018 02:37 AM IST
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वाराणसी। पुलिस-प्रशासन की सख्ती के बाद भी चाइनीज मंझे की बिक्री धड़ल्ले से हो रही है। नए साल पर पतंगबाजी के लिए रविवार को लोगों ने जमकर मंझे की खरीदारी की। शहर के विभिन्न इलाकों में चोरी-छिपे चाइनीज मंझा बेचा गया। वहीं, हेल्पलाइन नंबर पर रविवार को कोई कॉल नहीं आई। तीन दिन में सिर्फ तीन लोगों ने शिकायतें की हैं।
नव वर्ष पर घूमने-फिरने और पार्टी के साथ ही बहुत से लोगों ने पतंगबाजी की तैयारी की है। इसके लिए रविवार को पतंग के साथ चाइनीज मंझे की खूब खरीदारी की गई।
उधर, नव वर्ष के पहले दिन जमकर होने वाली पतंगबाजी के मद्देनजर सहित कुछेक अन्य चिह्नित स्थानों से चोरी-छिपे जमकर चाइनीज मंझे की बिक्री हुई। पुलिस से बचने के लिए दालमंडी, हड़हा, बेनियाबाग और नदेसर के अलावा दूसरे क्षेत्रों में गलियों और गोदामों से जानलेवा मंझा बेचा गया।
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चाइनीज मंझे से आए दिन पशु-पक्षियों के साथ तमाम लोग जख्मी हो रहे हैं। बावजूद इसके दुकानदार ही नहीं, आमजन भी गंभीरता नहीं बरत रहे हैं। यही वजह है कि चाइनीज मंझा बेचने वालों पर कार्रवाई के लिए जारी हेल्पलाइन नंबर पर तीन दिन में सिर्फ तीन शिकायतें की गईं। रविवार को तो एक भी शिकायत नहीं आई। एसएसपी राम कृष्ण भारद्वाज ने सूचना देने वाले का नाम और पता गुप्त रखने की बात कही थी, इसके बाद भी लोग मंझा बेचने वालों के खिलाफ शिकायत करने से परहेज कर रहे हैं। जनता की यही मानसिकता रही तो जानलेवा मंझे पर रोक लगना मुश्किल है।
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नव वर्ष पर घूमने-फिरने और पार्टी के साथ ही बहुत से लोगों ने पतंगबाजी की तैयारी की है। इसके लिए रविवार को पतंग के साथ चाइनीज मंझे की खूब खरीदारी की गई।
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उधर, नव वर्ष के पहले दिन जमकर होने वाली पतंगबाजी के मद्देनजर सहित कुछेक अन्य चिह्नित स्थानों से चोरी-छिपे जमकर चाइनीज मंझे की बिक्री हुई। पुलिस से बचने के लिए दालमंडी, हड़हा, बेनियाबाग और नदेसर के अलावा दूसरे क्षेत्रों में गलियों और गोदामों से जानलेवा मंझा बेचा गया।
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चाइनीज मंझे से आए दिन पशु-पक्षियों के साथ तमाम लोग जख्मी हो रहे हैं। बावजूद इसके दुकानदार ही नहीं, आमजन भी गंभीरता नहीं बरत रहे हैं। यही वजह है कि चाइनीज मंझा बेचने वालों पर कार्रवाई के लिए जारी हेल्पलाइन नंबर पर तीन दिन में सिर्फ तीन शिकायतें की गईं। रविवार को तो एक भी शिकायत नहीं आई। एसएसपी राम कृष्ण भारद्वाज ने सूचना देने वाले का नाम और पता गुप्त रखने की बात कही थी, इसके बाद भी लोग मंझा बेचने वालों के खिलाफ शिकायत करने से परहेज कर रहे हैं। जनता की यही मानसिकता रही तो जानलेवा मंझे पर रोक लगना मुश्किल है।