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हथकरघा उत्पादों को जीएसटी मुक्त करने की मांग
Updated Sun, 11 Jun 2017 02:11 AM IST
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वाराणसी। उत्तर प्रदेश के विधि-याय, सूचना, खेल एवं युवा कल्याण राज्य मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने बनारसी वस्त्र उद्योग के प्रतिनिधि मंडल को मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ से शनिवार को मिलवाया। इस दौरान एसोसिएशन के पदाधिकारी व प्रतिनिधियों ने हथकरघा तथा कुटीर वस्त्र उद्योग को जीएसटी से मुक्त कराए जाने के बाबत ज्ञापन भी सौंपा। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार तक हथकरघा एवं कुटीर वस्त्र उद्योग से जुड़े लोगों तक इस बात को पहुंचाने का भरोसा दिलाया।
बनारसी वस्त्र उद्योग एसोसिएशन के लोगाें ने कुछ दिनों पहले राज्य मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी से मिलकर जीएसटी लागू होने पर हथकरघा एवं कुटीर वस्त्र उद्योग पर पड़ने वाले प्रभाव से अवगत कराया था। साथ ही मुख्यमंत्री तक अपनी समस्या पहुंचाने का अनुरोध किया था। मंत्री ने प्रतिनिधि मंडल को रविवार को मुख्यमंत्री आदित्य नाथ से उनके आवास पर मिलवाया। लोगों ने कहा कि वह जीएसटी का समर्थन करते है। परंतु हथकरघा एवं कुटीर वस्त्र उद्योग पर जो कि कृषि के बाद देश की अर्थव्यवस्था का सबसे बड़ा अंग है तथा छोटे-छोटे बुनकरों और कुटीर निर्माताओं के ऊपर आश्रित है, पर जीएसटी का नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। पदाधिकारियों ने हर तरह के हथकरघा उत्पाद को कर-पत्रावली में स्पष्ट रूप से जीएसटी से मुक्त रखने तथा आठ से 10 पावरलूम तक के कुटीर उद्योग के समस्त वस्त्र निर्माण को जीएसटी से मुक्त रखे जाने संबंधित दो परिवर्तन कराए जाने के लिए सहयोग करने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने उद्यमियों की मांग को केंद्र सरकार तक पहुंचाने तथा सकारात्मक सहयोग का भरोसा दिया। इस दौरान अशोक धवन, जगदीश दास शाह, राजन बहल, हरिमोहन शाह, सजन रतेरिया, अशोक गुजराती, गौतम टंडन, राजा रूपानी, सर्वेश अग्रवाल व सुनील अग्रवाल अदि लोग मौजूद रहे।
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बनारसी वस्त्र उद्योग एसोसिएशन के लोगाें ने कुछ दिनों पहले राज्य मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी से मिलकर जीएसटी लागू होने पर हथकरघा एवं कुटीर वस्त्र उद्योग पर पड़ने वाले प्रभाव से अवगत कराया था। साथ ही मुख्यमंत्री तक अपनी समस्या पहुंचाने का अनुरोध किया था। मंत्री ने प्रतिनिधि मंडल को रविवार को मुख्यमंत्री आदित्य नाथ से उनके आवास पर मिलवाया। लोगों ने कहा कि वह जीएसटी का समर्थन करते है। परंतु हथकरघा एवं कुटीर वस्त्र उद्योग पर जो कि कृषि के बाद देश की अर्थव्यवस्था का सबसे बड़ा अंग है तथा छोटे-छोटे बुनकरों और कुटीर निर्माताओं के ऊपर आश्रित है, पर जीएसटी का नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। पदाधिकारियों ने हर तरह के हथकरघा उत्पाद को कर-पत्रावली में स्पष्ट रूप से जीएसटी से मुक्त रखने तथा आठ से 10 पावरलूम तक के कुटीर उद्योग के समस्त वस्त्र निर्माण को जीएसटी से मुक्त रखे जाने संबंधित दो परिवर्तन कराए जाने के लिए सहयोग करने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने उद्यमियों की मांग को केंद्र सरकार तक पहुंचाने तथा सकारात्मक सहयोग का भरोसा दिया। इस दौरान अशोक धवन, जगदीश दास शाह, राजन बहल, हरिमोहन शाह, सजन रतेरिया, अशोक गुजराती, गौतम टंडन, राजा रूपानी, सर्वेश अग्रवाल व सुनील अग्रवाल अदि लोग मौजूद रहे।
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