{"_id":"5c1021f4bdec2241bd3dcf9a","slug":"81544561140-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सड़कों नहीं आए ऑटो, मुश्किल में रहे यात्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सड़कों नहीं आए ऑटो, मुश्किल में रहे यात्री
Updated Wed, 12 Dec 2018 02:19 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। पुलिस उत्पीड़न के खिलाफ मंगलवार को जिले भर के ऑटो चालक हड़ताल पर रहे। सुबह से ही ऑटो सड़कों पर नहीं आए, जिससे यात्रियों को मुसीबत झेलनी पड़ी। कई जगहों पर ऑटो चालक अराजक हो गए और लाठी डंडे लेकर सड़कों पर आ गए। सवारियों को लेकर जा रहे ऑटो और ई रिक्शा रुकवा दिए। इनमें बैठी सवारियों को भी सड़कों पर उतार दिया गया।
जगह-जगह ऑटो के इंतजार में लोग घंटों तक सड़कों पर ही रहे। हालांकि परिवहन निगम ने शहर में छह सिटी बसों का संचालन किया था, मगर इससे लोगों को राहत नहीं मिली। दी ऑटो रिक्शा वेलफेयर सोसाइटी के बैनर तले मंगलवार सुबह से ही ऑटो चालकों ने हड़ताल की। ऑटो नहीं मिलने के कारण लोग परेशान रहे। सबसे ज्यादा मुसीबत चांदपुर, कैंट स्टेशन, कैंट रोडवेज अड्डा, मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन, सुंदरपुर चौराहा, लंका चौराहा, काशी स्टेशन सहित शहर के प्रमुख चौराहों व सड़कों पर रही। यहां सवारियों की भीड़ देखी गई। जिले भर के 46 रूटों पर ऑटो संचालन नहीं होने से लोगों पैदल भी चलना पड़ा। इससे पहले ऑटो चालक सुबह नदेसर स्थित विवेकानंद प्रतिमा पर एकत्र हुए और अलग-अलग क्षेत्रों में हड़ताल को सफल बनाने के लिए निकले।
कई रूटों पर की मनमानी वसूली
हड़ताल के बीच एक दुक्का ऑटो सड़कों पर नजर आए। इसके अलावा ई रिक्शा भी दौड़ लगाते रहे। सवारियों की मजबूरी का फायदा उठाकर इन वाहनों ने मनमाना किराया वसूला। हालांकि हड़ताल करने वालों ने जगह जगह सवारियों को उतारकर ई रिक्शे चलने से रोके।
विज्ञापन
कोट--
नगर निगम ने शहर में 24 स्टैंड बनाए हैं। इनमें महज 619 ऑटो खड़े हो सकते हैं। चौराहों पर ऑटो चालकों का उत्पीड़न किया जा रहा है। यातायात सुधार के नाम पर ऑटो चालकों से वसूली की जा रही है। मांग पूरी नहीं होने तक हड़ताल जारी रहेगी। -धनश्याम यादव, जिलाध्यक्ष, ऑटो रिक्शा वेलफेयर सोसाइटी
विज्ञापन
जगह-जगह ऑटो के इंतजार में लोग घंटों तक सड़कों पर ही रहे। हालांकि परिवहन निगम ने शहर में छह सिटी बसों का संचालन किया था, मगर इससे लोगों को राहत नहीं मिली। दी ऑटो रिक्शा वेलफेयर सोसाइटी के बैनर तले मंगलवार सुबह से ही ऑटो चालकों ने हड़ताल की। ऑटो नहीं मिलने के कारण लोग परेशान रहे। सबसे ज्यादा मुसीबत चांदपुर, कैंट स्टेशन, कैंट रोडवेज अड्डा, मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन, सुंदरपुर चौराहा, लंका चौराहा, काशी स्टेशन सहित शहर के प्रमुख चौराहों व सड़कों पर रही। यहां सवारियों की भीड़ देखी गई। जिले भर के 46 रूटों पर ऑटो संचालन नहीं होने से लोगों पैदल भी चलना पड़ा। इससे पहले ऑटो चालक सुबह नदेसर स्थित विवेकानंद प्रतिमा पर एकत्र हुए और अलग-अलग क्षेत्रों में हड़ताल को सफल बनाने के लिए निकले।
विज्ञापन
कई रूटों पर की मनमानी वसूली
हड़ताल के बीच एक दुक्का ऑटो सड़कों पर नजर आए। इसके अलावा ई रिक्शा भी दौड़ लगाते रहे। सवारियों की मजबूरी का फायदा उठाकर इन वाहनों ने मनमाना किराया वसूला। हालांकि हड़ताल करने वालों ने जगह जगह सवारियों को उतारकर ई रिक्शे चलने से रोके।
विज्ञापन
कोट--
नगर निगम ने शहर में 24 स्टैंड बनाए हैं। इनमें महज 619 ऑटो खड़े हो सकते हैं। चौराहों पर ऑटो चालकों का उत्पीड़न किया जा रहा है। यातायात सुधार के नाम पर ऑटो चालकों से वसूली की जा रही है। मांग पूरी नहीं होने तक हड़ताल जारी रहेगी। -धनश्याम यादव, जिलाध्यक्ष, ऑटो रिक्शा वेलफेयर सोसाइटी