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हिंदू अधिवेशन में पारित किए सात प्रस्ताव
Updated Tue, 27 Nov 2018 01:43 AM IST
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वाराणसी। हिंदू जनजागृति समिति की ओर से आशापुर स्थित मधुबन लॉन में चार दिवसीय उत्तर एवं पूर्वोत्तर भारत हिंदू अधिवेशन हुआ। इसमें सात प्रस्ताव पारित हुए। इन सभी प्रस्तावों को प्रधानमंत्री को भेजा जाएगा। यह जानकारी सोमवार को पराड़कर भवन में पत्रकारों को संयुक्त रूप से समिति के मार्गदर्शन नीलेश सिंगबाल, राष्ट्रीय प्रवक्ता रमेश शिंदे, सनातन संस्था के राष्ट्रीय प्रवक्ता चेतन राजहंस और इंडिया विद विजडम के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश चंद्र त्रिपाठी ने दी।
उन्होंने बताया कि पहला प्रस्ताव था कि भारतीय संसद देश को हिंदू राष्ट्र घोषित करें। दूसरा नेपाल हिंदू राष्ट्र घोषित हो इसके लिए अधिवेशन का संपूर्ण समर्थन है। अयोध्या में प्रभु श्रीराम के मंदिर के निर्माण के लिए तत्काल निर्णय लिया जाए। चौथा केंद्र शासन हिंदू समाज की तीव्र भावना को ध्यान में रखकर संपूर्ण देश में गोवंश हत्या पर रोक और धर्म परिवर्तन पर बंदी करें। पांचवां पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका के हिंदुओं पर होने वाले अत्याचारों की पूछताछ अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन, साथ ही भारत शासन द्वारा की जाए। वहां के अल्पसंख्यक हिंदुओं को सुरक्षा प्रदान की जाए। छठा विस्थापित कश्मीरी हिंदुओं का दोबारा जम्मू कश्मीर में बसाया जाए। सातवां प्रस्ताव आक्रांताओं द्वारा बदले हुए नगरों के नाम को बदलकर प्राचीनतम इतिहास के आधार पर रखने के लिए केंद्रीय नगर नामरकण आयोग गठित किया जाए।
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उन्होंने बताया कि पहला प्रस्ताव था कि भारतीय संसद देश को हिंदू राष्ट्र घोषित करें। दूसरा नेपाल हिंदू राष्ट्र घोषित हो इसके लिए अधिवेशन का संपूर्ण समर्थन है। अयोध्या में प्रभु श्रीराम के मंदिर के निर्माण के लिए तत्काल निर्णय लिया जाए। चौथा केंद्र शासन हिंदू समाज की तीव्र भावना को ध्यान में रखकर संपूर्ण देश में गोवंश हत्या पर रोक और धर्म परिवर्तन पर बंदी करें। पांचवां पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका के हिंदुओं पर होने वाले अत्याचारों की पूछताछ अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन, साथ ही भारत शासन द्वारा की जाए। वहां के अल्पसंख्यक हिंदुओं को सुरक्षा प्रदान की जाए। छठा विस्थापित कश्मीरी हिंदुओं का दोबारा जम्मू कश्मीर में बसाया जाए। सातवां प्रस्ताव आक्रांताओं द्वारा बदले हुए नगरों के नाम को बदलकर प्राचीनतम इतिहास के आधार पर रखने के लिए केंद्रीय नगर नामरकण आयोग गठित किया जाए।
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