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कायस्थों की उपेक्षा से भाजपा ने उपचुनाव में गंवाई दोनों सीटें 0
Updated Mon, 23 Apr 2018 02:08 AM IST
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वाराणसी। कायस्थों की उपेक्षा के चलते भाजपा ने उपचुनाव में फूलपुर और गोरखपुर की सीट गंवाई। इन दोनों सीटों पर यदि कायस्थ को प्रत्याशी बनाया गया होता तो दोनों सीटें पार्टी के खाते में होती। पूरे देश में तकरीबन 12 करोड़ कायस्थ हैं। आबादी के हिसाब से राजनैतिक हिस्सेदारी होनी चाहिए। जो पार्टी कायस्थ समाज का ध्यान देगी उसी पार्टी को समाज का वोट मिलेगा। ये बातें रविवार को अंधरापुल स्थित एक होटल में आयोजित प्रेसवार्ता में अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के राष्ट्रीय कार्यवाहक अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद ने कही।
उन्होंने कहा कि बीते लोकसभा, विधानसभा, निकाय चुनाव और एमएलसी के चुनाव में समाज की घोर उपेक्षा की गई। 25 मई को लखनऊ में राष्ट्रीय प्रतिनिधि सम्मेलन होगा। इसमें संगठन के साथ साथ आगामी लोकसभा चुनाव की रणनीति पर विचार विमर्श किया जाएगा। महासभा के उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष डा. रमेश चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुबोध कांत सहाय की अध्यक्षता में लखनऊ में सम्मेलन प्रस्तावित है। समाज की ओर से ब्लॉक और गांव स्तर पर सदस्यता अभियान चलाया जाएगा। वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डा. मुकेश श्रीवास्तव ने कहा कि दहेज जैसी सामाजिक कुरीतियों पर मेट्रोमोनियल काउंसलिंग की आवश्यकता है। इस मौके पर संस्था के अनेक पदाधिकारियों से बैठक कर आगे की रणनीति तैयार की गई।
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उन्होंने कहा कि बीते लोकसभा, विधानसभा, निकाय चुनाव और एमएलसी के चुनाव में समाज की घोर उपेक्षा की गई। 25 मई को लखनऊ में राष्ट्रीय प्रतिनिधि सम्मेलन होगा। इसमें संगठन के साथ साथ आगामी लोकसभा चुनाव की रणनीति पर विचार विमर्श किया जाएगा। महासभा के उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष डा. रमेश चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुबोध कांत सहाय की अध्यक्षता में लखनऊ में सम्मेलन प्रस्तावित है। समाज की ओर से ब्लॉक और गांव स्तर पर सदस्यता अभियान चलाया जाएगा। वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डा. मुकेश श्रीवास्तव ने कहा कि दहेज जैसी सामाजिक कुरीतियों पर मेट्रोमोनियल काउंसलिंग की आवश्यकता है। इस मौके पर संस्था के अनेक पदाधिकारियों से बैठक कर आगे की रणनीति तैयार की गई।
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