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ग्रामीण पर्यटन के केंद्र बनेंगे 75 अमृत सरोवर
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आजादी के अमृत महोत्सव के तहत जिले में बनाए जा रहे 75 अमृत सरोवर सिर्फ नाम के नहीं, बल्कि देखने लायक होंगे। सरोवर परिसर में घाट के साथ पौधरोपण कर इसे हरा-भरा बनाया जाएगा। ग्रामीणाें के लिए व्यायाम व टहलने के लिए पाथवे भी बनेगा। जिले में काम तेजी से हो रहा है। जिले के आठ ब्लॉकों में बनने वाले अमृत सरोवरों को दर्शनीय स्थलों के रूप में विकसित किया जा रहा है। सरोवर के आसपास ऐसा वातावरण बनाया जाएगा, ताकि ग्रामीण वहां घूमने जाएं और आनंद का अनुभव ले सकें।
स्वच्छता के लिए बनेंगे डायवर्जन चैनल
अमृत सरोवर की सुंदरता में चार चांद लगाने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। इन सरोवरों की गहराई दो मीटर होगी। साथ ही गांव के गंदे पानी को डायवर्जन चैनल बनाकर रोका जाएगा। साथ ही पानी की स्वच्छता बनाए रखने के लिए सिल्ट चैंबर भी बनाए जाएंगे। आराजीलाइन में 10 सरोवर खोदाई के लिए चयनित हुए हैं। सेवापुरी में 15 सरोवर बनाए जाएंगे। काशी विद्यापीठ में सात बनेंगे।
झंडारोहण के लिए बनेेगा मंच
गांवों में बनने वाले ये अमृत सरोवर ग्रामीण पर्यटन का केंद्र होंगे, जहां दीवारों पर पर्यावरण से जुड़ी चित्रकारी, इंटरलॉकिंग, घाट का निर्माण, पौधरोपण, व्यायाम के लिए मशीनें, पाथवे के साथ फव्वारे के साथ झंडारोहण के लिए मंच भी तैयार किया जाएगा।
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अधिकारियों व ग्रामीणों की पहल से दूर हुईं बाधाएं
अमृत सरोवरों के चिन्हांकन के समय चिरईगांव के छितौना, हरहुआ ब्लॉक के हरहुआ व सेवापुरी के करधना गांव में कुछ ग्रामीणों ने जमीन को लेकर विरोध दर्ज कराया था, लेकिन अधिकारियों व स्थानीय लोगों की पहल पर इससे तहसील स्तर पर निस्तारित कर दिया गया। अब इन अमृत सरोवरों का निर्माण भी शुरू हो चुका है।
जल संरक्षण की मुहिम को धार देंगे सरोवर
जिला समन्वयक मनरेगा करूणाकर अदीब ने बताया कि जल संरक्षण की मुहिम को धार देने के लिए 75 तालाबों को चिह्नित किया गया था, लेकिन अब इनकी कुल संख्या 82 हो गई है। जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत व ग्राम पंचायत निधि से सरोवरों का निर्माण कराया जा रहा है।
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स्वच्छता के लिए बनेंगे डायवर्जन चैनल
अमृत सरोवर की सुंदरता में चार चांद लगाने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। इन सरोवरों की गहराई दो मीटर होगी। साथ ही गांव के गंदे पानी को डायवर्जन चैनल बनाकर रोका जाएगा। साथ ही पानी की स्वच्छता बनाए रखने के लिए सिल्ट चैंबर भी बनाए जाएंगे। आराजीलाइन में 10 सरोवर खोदाई के लिए चयनित हुए हैं। सेवापुरी में 15 सरोवर बनाए जाएंगे। काशी विद्यापीठ में सात बनेंगे।
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झंडारोहण के लिए बनेेगा मंच
गांवों में बनने वाले ये अमृत सरोवर ग्रामीण पर्यटन का केंद्र होंगे, जहां दीवारों पर पर्यावरण से जुड़ी चित्रकारी, इंटरलॉकिंग, घाट का निर्माण, पौधरोपण, व्यायाम के लिए मशीनें, पाथवे के साथ फव्वारे के साथ झंडारोहण के लिए मंच भी तैयार किया जाएगा।
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अधिकारियों व ग्रामीणों की पहल से दूर हुईं बाधाएं
अमृत सरोवरों के चिन्हांकन के समय चिरईगांव के छितौना, हरहुआ ब्लॉक के हरहुआ व सेवापुरी के करधना गांव में कुछ ग्रामीणों ने जमीन को लेकर विरोध दर्ज कराया था, लेकिन अधिकारियों व स्थानीय लोगों की पहल पर इससे तहसील स्तर पर निस्तारित कर दिया गया। अब इन अमृत सरोवरों का निर्माण भी शुरू हो चुका है।
जल संरक्षण की मुहिम को धार देंगे सरोवर
जिला समन्वयक मनरेगा करूणाकर अदीब ने बताया कि जल संरक्षण की मुहिम को धार देने के लिए 75 तालाबों को चिह्नित किया गया था, लेकिन अब इनकी कुल संख्या 82 हो गई है। जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत व ग्राम पंचायत निधि से सरोवरों का निर्माण कराया जा रहा है।