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चावल अनुसंधान केंद्र का प्रधानमंत्री करेंगे उद्घाटन : कृषि मंत्री
Updated Thu, 22 Nov 2018 02:11 AM IST
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लोहता/वाराणसी। प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बुधवार को कलेक्टरी फार्म स्थित कृषि शोध केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शोध केंद्र पर सिंचाई के लिए ट्यूबवेल की व्यवस्था कराई जाए। साथ ही किसान कल्याण केंद्र के लिए जमीन तलाशने को कहा। निरीक्षण के बाद पत्रकारों से कृषि मंत्री ने कहा, चावल अनुसंधान केंद्र का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उद्घाटन करेंगे। दिंसबर महीने में इस केंद्र को शुरू कराने का प्रयास किया जा रहा है। इससे पहले विभागीय समीक्षा में कृषि मंत्री ने बीज, खाद सहित किसानों से जुड़ी अन्य उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा।
निरीक्षण के दौरान कृषि मंत्री ने कहा कि केंद्र पर कम पानी में धान पैदा होने का बीज विकसित किया जाएगा। उन्होंने वेधशाला में वाष्प मापी, वर्षा मापी आदि संयंत्रों को देखा और गंदगी मिलने पर नाराजगी जताई। उपनिदेशक कृषि राजीव कुमार को परिसर को फूलों के पौधे लगाने को कहा। उन्होंने कहा कि ज्यादा पैदावार बढ़ाने के लिए बीज रोपण संग सिंचाई के तकनीकी में नए प्रयोग किए जा रहे हैं। शोध सफल हुआ तो काला चावल समेत मोटे अनाजों की पैदावार बेहतर होगी। शुगर की कम मात्रा वाले चावल के बीज का वितरण किसानों में किया जाएगा। निर्देश दिया कि सोलर पंप सहित अन्य योजनाओं के लिए किसानों का पंजीकरण करें। पहले ड्राफ्ट देने वाले किसानों को सब्सिडी वाले सोलर पंप दिए जाएंगे। किसानों को जागरूक करने के लिए पूरे प्रदेश में किसान पाठशाला का आयोजन किया जाएगा।
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निरीक्षण के दौरान कृषि मंत्री ने कहा कि केंद्र पर कम पानी में धान पैदा होने का बीज विकसित किया जाएगा। उन्होंने वेधशाला में वाष्प मापी, वर्षा मापी आदि संयंत्रों को देखा और गंदगी मिलने पर नाराजगी जताई। उपनिदेशक कृषि राजीव कुमार को परिसर को फूलों के पौधे लगाने को कहा। उन्होंने कहा कि ज्यादा पैदावार बढ़ाने के लिए बीज रोपण संग सिंचाई के तकनीकी में नए प्रयोग किए जा रहे हैं। शोध सफल हुआ तो काला चावल समेत मोटे अनाजों की पैदावार बेहतर होगी। शुगर की कम मात्रा वाले चावल के बीज का वितरण किसानों में किया जाएगा। निर्देश दिया कि सोलर पंप सहित अन्य योजनाओं के लिए किसानों का पंजीकरण करें। पहले ड्राफ्ट देने वाले किसानों को सब्सिडी वाले सोलर पंप दिए जाएंगे। किसानों को जागरूक करने के लिए पूरे प्रदेश में किसान पाठशाला का आयोजन किया जाएगा।
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