{"_id":"59089a1e4f1c1b3651442f6b","slug":"70-years-old-lady-murder-at-azamgarh-in-land-dispute","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"मुआवजे के कुछ अंश बेटियों में बांटना चाहती थी मां, गोली मार दी गई","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
मुआवजे के कुछ अंश बेटियों में बांटना चाहती थी मां, गोली मार दी गई
ब्यूरो,अमर उजाला,आजमगढ़
Updated Wed, 03 May 2017 07:53 PM IST
विज्ञापन
बेटे और उसके दामाद समेत चार के खिलाफ केस
- फोटो : demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आजमगढ़ जिले के कोहरौड़ा गांव एक 70 वर्षीय वृद्धा को जमीन के मुआवजे को तौर पर 3.77 करोड़ मिला। वह इस मुआवजे की कुछ अंश अपनी तीन बेटियों में बांटना चाहती थी। वृ्द्धा की हसरत अधूरी रह गई, उसे गोली मार दी गई।
कोहरौड़ा गांव में सोमवार की रात जमीन के मुआवजे के बंटवारे के विवाद में वृद्धा की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मामले में पुलिस ने वृद्धा के बेटे सहित चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
कोहरौड़ा गांव की सहोदरा देवी (70) पत्नी स्व. त्रिवेणी यादव को एक बेटा और तीन बेटियां हैं। बड़ी बेटी राजपत्ती देवी के पति की मौत हो चुकी है। वह मायके में ही घर बनवाकर रहती है। अन्य दोनों बेटियों की भी शादी हो चुकी है।
विज्ञापन
सहोदरा देवी बेटी राजपत्ती के साथ रहती हैं। जबकि सहोदरा का बेटा वंशराज यादव पैतृक आवास में रहता है। सहोदरा और बेटे वंशराज का बैंक में संयुक्त खाता है। सहोदरा देवी की जमीन आजमगढ़-वाराणसी फोरलेन में गई है। उन्हें 3.77 करोड़ मुआवजा मिला है।
राजपत्ती के मुताबिक, मुआवजे के तीन करोड़ रुपये भाई वंशराज ने ले लिया है। जबकि मां 77 लाख रुपये हम तीनों बहनों में बांटना चाहती थीं। यह बात भाई को नागवार लग रही थी। इसी को लेकर विवाद था। तीन दिन पूर्व पुलिस ने भी समझौते का प्रयास किया था।
सोमवार की रात सहोदरा, राजपत्ती और उसके बेटों के साथ दरवाजे के बाहर सोई थीं। राजपत्ती देवी के मुताबिक, रात करीब साढ़े ग्यारह बजे चार लोग पहुंचे और मेरा मुंह दबाकर ले जाने लगे। आवाज सुनकर सहोदरा देवी जाग गईं और शोर मचाने लगीं। इस पर बदमाशों ने उन्हें गोली मार दी।
पेट में गोली लगने से सहोदरा की मौत हो गई। राजपत्ती देवी के बेटे बलवंत यादव ने मामा वंशराज, उसके दामाद रवींद्र यादव, मनोज यादव और विनय पांडेय के खिलाफ केस दर्ज कराया है।
मामले में एसपी सिटी शकील अहमद खां ने बताया कि रुपये के विवाद में वृद्धा की हत्या की गई है। रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है।
विज्ञापन
कोहरौड़ा गांव में सोमवार की रात जमीन के मुआवजे के बंटवारे के विवाद में वृद्धा की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मामले में पुलिस ने वृद्धा के बेटे सहित चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
विज्ञापन
कोहरौड़ा गांव की सहोदरा देवी (70) पत्नी स्व. त्रिवेणी यादव को एक बेटा और तीन बेटियां हैं। बड़ी बेटी राजपत्ती देवी के पति की मौत हो चुकी है। वह मायके में ही घर बनवाकर रहती है। अन्य दोनों बेटियों की भी शादी हो चुकी है।
विज्ञापन
सहोदरा देवी बेटी राजपत्ती के साथ रहती हैं। जबकि सहोदरा का बेटा वंशराज यादव पैतृक आवास में रहता है। सहोदरा और बेटे वंशराज का बैंक में संयुक्त खाता है। सहोदरा देवी की जमीन आजमगढ़-वाराणसी फोरलेन में गई है। उन्हें 3.77 करोड़ मुआवजा मिला है।
राजपत्ती के मुताबिक, मुआवजे के तीन करोड़ रुपये भाई वंशराज ने ले लिया है। जबकि मां 77 लाख रुपये हम तीनों बहनों में बांटना चाहती थीं। यह बात भाई को नागवार लग रही थी। इसी को लेकर विवाद था। तीन दिन पूर्व पुलिस ने भी समझौते का प्रयास किया था।
सोमवार की रात सहोदरा, राजपत्ती और उसके बेटों के साथ दरवाजे के बाहर सोई थीं। राजपत्ती देवी के मुताबिक, रात करीब साढ़े ग्यारह बजे चार लोग पहुंचे और मेरा मुंह दबाकर ले जाने लगे। आवाज सुनकर सहोदरा देवी जाग गईं और शोर मचाने लगीं। इस पर बदमाशों ने उन्हें गोली मार दी।
पेट में गोली लगने से सहोदरा की मौत हो गई। राजपत्ती देवी के बेटे बलवंत यादव ने मामा वंशराज, उसके दामाद रवींद्र यादव, मनोज यादव और विनय पांडेय के खिलाफ केस दर्ज कराया है।
मामले में एसपी सिटी शकील अहमद खां ने बताया कि रुपये के विवाद में वृद्धा की हत्या की गई है। रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है।
वृद्धा की मौत किसी की साजिश तो नहीं
demo pic
सहोदरा देवी की हत्या के बाद लोगों का कहना है कि कहीं सहोदरा की हत्या के पीछे कोई गहरी साजिश तो नहीं। लोगों की मानें तो मुआवजा का तीन करोड़ रुपये सहोदरा ने अपने बेटे को दे दिया। 77 लाख रुपये अपने तीनों बेटियों को देना चाह रही थी। इसको लेकर परिवार में तनाव चल रहा था। तीन दिन पूर्व सूचना मिलने पर डायल 100 की पुलिस पहुंची थी।
गांव वालों की मानें तो पुलिस भी नहीं चाहती थी कि रुपये सहोदरा अपने तीनों बेटियों को दे। इसके लिए मौके पर गई पुलिस ने सहोदरा को काफी डराया, धमकाया था। पुलिस के जाने के तीन दिन बाद सहोदरा की हत्या कर दी गई।
इसके अलावा जिन चार लोगों के विरुद्ध हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। उसमें एक रविंद्र यादव को छोड़कर अन्य लोगों को करोड़ों रुपये का मुआवजा मिल चुका है। ऐसे में किसी दूसरे के लिए कोई अपना जीवन क्यों बर्बाद करेगा। यह बात गांव वालों के समझ से परे है।