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दुष्कर्म का दोष सिद्ध होने पर दस साल का कठोर कारावास
Updated Sat, 03 Nov 2018 02:12 AM IST
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वाराणसी। फास्ट ट्रैक कोर्ट सर्वेश पांडेय की अदालत ने ममेरे भाई को नौकरी का कागज दिलाने के बहाने युवती के साथ दुष्कर्म करने के आरोपी मो. शमीम उर्फ सूरज उर्फ मुमताज को दस साल के कठोर कारावास और 60 हजार रुपया जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर अभियुक्त को एक वर्ष अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
अभियोजन के एडीजीसी प्रमथेश पांडेय के अनुसार जौनपुर जिले की रहने वाली एक युवती 15 जनवरी 2017 को अपने बुआ के पास गई थी। रास्ते में बदलापुर क्षेत्र में मंडुवाडीह निवासी मो. शमीम ने युवती को उसके बुआ के बेटे का दोस्त होने का परिचय देकर नौकरी के कागजात बनाने के लिए बनारस चलने की बात कही। मो. शमीम की बातों पर भरोसा कर बुआ और भतीजी उसके साथ बनारस पहुंचीं। दोनों को लेकर मो. शमीम दीनदयाल अस्पताल गया। अस्पताल में झांसा देकर बुआ के जेवरात ले लिए और फिर शौचालय में ले जाकर युवती से दुष्कर्म किया।
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अभियोजन के एडीजीसी प्रमथेश पांडेय के अनुसार जौनपुर जिले की रहने वाली एक युवती 15 जनवरी 2017 को अपने बुआ के पास गई थी। रास्ते में बदलापुर क्षेत्र में मंडुवाडीह निवासी मो. शमीम ने युवती को उसके बुआ के बेटे का दोस्त होने का परिचय देकर नौकरी के कागजात बनाने के लिए बनारस चलने की बात कही। मो. शमीम की बातों पर भरोसा कर बुआ और भतीजी उसके साथ बनारस पहुंचीं। दोनों को लेकर मो. शमीम दीनदयाल अस्पताल गया। अस्पताल में झांसा देकर बुआ के जेवरात ले लिए और फिर शौचालय में ले जाकर युवती से दुष्कर्म किया।
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