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नैक मूल्यांकन के लिए दस्तावेज दुरुस्त करें
Updated Sun, 19 Nov 2017 02:02 AM IST
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वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के प्रबंध भवन में आईक्यूएसी की ओर से ‘नई नैक मूल्यांकन प्रत्युत्तर रणनीति’ पर कार्यशाला हुई। इसमें मुख्य अतिथि मिथिला विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. साकेत कुशवाहा ने कहा कि संस्थानों को समय रहते नैक मूल्यांकन करा लेना चाहिए। इसमें लापरवाही बरतने पर वित्तीय सहायता रोकी जा सकती है। साथ ही मूल्यांकन कराने से पहले सभी शैक्षणिक एवं प्रशासनिक कार्यों के दस्तावेज व्यवस्थित कर लेना चाहिए।
कार्यशाला में विशिष्ट अतिथि गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्रो. अजेय कुमार गुप्त ने बताया कि नैक के नियमों में कई परिवर्तन हुए हैं। मूल्यांकन में ज्यादा अंक और अच्छी ग्रेडिंग प्राप्त करने के लिए रणनीति बना कर सतत प्रयास की जरूरत होती है। विधायक रवींद्र जायसवाल ने कहा कि शैक्षणिक गुणवत्ता में वृद्धि के लिए नैक मूल्यांकन बेहद जरूरी है। अध्यक्षता कार्यवाहक कुलपति प्रो. एसएन चतुर्वेदी ने की। आईक्यूएसी समन्वयक प्रो. केएस जायसवाल ने नैक मूल्यांकन कराने वाले चार नए संबद्ध महाविद्यालयों को सम्मानित करने की घोषणा की। संचालन डॉ. दीपक गिरी और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. नलिनी श्याम कामिल ने किया। इसमें संबद्ध महाविद्यालयों के 200 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
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कार्यशाला में विशिष्ट अतिथि गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्रो. अजेय कुमार गुप्त ने बताया कि नैक के नियमों में कई परिवर्तन हुए हैं। मूल्यांकन में ज्यादा अंक और अच्छी ग्रेडिंग प्राप्त करने के लिए रणनीति बना कर सतत प्रयास की जरूरत होती है। विधायक रवींद्र जायसवाल ने कहा कि शैक्षणिक गुणवत्ता में वृद्धि के लिए नैक मूल्यांकन बेहद जरूरी है। अध्यक्षता कार्यवाहक कुलपति प्रो. एसएन चतुर्वेदी ने की। आईक्यूएसी समन्वयक प्रो. केएस जायसवाल ने नैक मूल्यांकन कराने वाले चार नए संबद्ध महाविद्यालयों को सम्मानित करने की घोषणा की। संचालन डॉ. दीपक गिरी और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. नलिनी श्याम कामिल ने किया। इसमें संबद्ध महाविद्यालयों के 200 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
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