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कामगार को सहारा, हुनर को सराहा और भरोसे को दी मजबूती

Sun, 30 Dec 2018 02:27 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 30 Dec 2018 02:27 AM IST
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कामगार को सहारा, हुनर को सराहा और भरोसे को दी मजबूती
वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दीन दयाल हस्तकला संकुल में जीआई पवेलियन के साथ ओडीओपी स्टाल व शिल्पियों की कला का लाइव प्रदर्शन देखा। पीएम ने भी शिल्पियों, बुनकरों की कला व हुनर में रुचि दिखाई और उनसे संवाद भी किया। शिल्पियों से वार्षिक टर्नओवर की भी जानकारी हासिल की।
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जीआई विशेषज्ञ डॉ. रजनीकांत ने पीएम को काशी के हस्तशिल्प और हथकरघा की विशिष्टताओं के बारे में बताया। साथ ही प्रवासी भारतीय दिवस के लोगो, कुंभ लोगो, ओडीओपी का लोगो दिखाया। पीएम ने शिल्पियों, बुनकरों के हुनर को सराहा और खूबसूरती की तारीफ की। गाजीपुर के कैसर अहमद के वाल हैंगिंग हथकरघे को देख कर कहा-‘वाह, यह छोरा छोटा सा लूम लगाकर काम कर रहा है’ तो काशी की निकिता सिंह की गुलाबी मीनाकारी देख कर पढ़ाई के बारे में बात की। 70 साल पुरानी जरदोजी की कलात्मक लाल रंग की पिछोई को भी प्रधानमंत्री ने देखा और सराहा। प्रदर्शनी में लाई गई भगवान श्रीनाथ जी की सात फुट ऊंची हस्त निर्मित प्रतिमा के पास प्रधानमंत्री के कदम ठिठक गए। कुछ देर तक उसे निहारने के बाद लाइव प्रदर्शन कर रहे शिल्पी प्यारे लाल मौर्य से दरी के बुनाई वाले फोल्डिंग फ्रेम की जानकारी ली। रामनगर के स्टोन जाली क्राफ्ट शिल्पी बच्चा लाल मौर्या ने जब ग्लोब के अंदर गणेश जी की प्रतिमा को दिखाया तो वह रुक कर उसकी बारीकियों को देखने लगे। जब प्रधानमंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र में 10 जीआई उत्पाद (जियोग्राफिकल इंडिकेशन) पूरी दुनिया के लोगों को आकर्षित कर रहे हैं और यहां के शिल्प की विरासत को संरक्षित करके आगे बढ़ा रहे हैं तो पूरा हाल तालियों से गूंज उठा। प्रधानमंत्री को अपने इतने निकट पाकर शिल्पि निहाल हो गए।
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जरदोजी से तैयार अंगवस्त्रम् से पीएम का सम्मान
जरदोजी से तैयार अंगवस्त्रम् से पीएम मोदी का सम्मान किया गया। इसे तैयार करने वालों में युवा महिला शिल्पी लोहता निवासी आफरीन, दिव्या, रेशमा, सहना शामिल हैं। अंगवस्त्रम् को आकर्षक बनाया गया था। इस अंगवस्त्रम् की बुनाई छाही गांव के बच्चा लाल मौर्या ने हैंडलूम पर की थी, फिर महिला शिल्पियों ने इस पर जरदोजी की।
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