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गंगा स्नान के लिए उमड़े आस्थावान
Updated Sun, 05 Nov 2017 02:30 AM IST
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वाराणसी। कार्तिक पूर्णिमा स्नान के लिए शनिवार सुबह गंगा तट पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। गंगा के 84 घाटों पर स्नान का उत्सव किसी कुंभ से कम नहीं था। कहीं समूहबद्ध महिलाओं के गंगा गीत गूंज रहे थे तो कहीं दीपदान और पूजा, अर्घ्यदान। गंगा पार स्नान के बाद रेत से विष्णु और शिव की प्रतिमाएं बनाकर महिलाओं ने आरती उतारी और घर, परिवार से समाज के मंगल की कामना की। तीर्थनगरी में कार्तिक पूर्णिमा पर पांच लाख से अधिक लोगों के डुबकी लगाने का अनुमान है।
कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान के लिए भीड़ का दबाव बढ़ने पर प्रशासन को आनन-फानन में दशाश्वमेध घाट जाने वाले स्नानार्थियों को रोकना पड़ा। इस घाट पर हजारों की तादाद में लोग स्नान नहीं कर सके। उन्हें दूसरे घाटों के लिए डायवर्ट कर दिया गया। इससे बड़ी तादाद में लोग अस्सी घाट, हनुमान घाट, केदार घाट, पांडेय घाट, राजा घाट पर डुबकी लगाने पहुंचे। पुण्य की डुबकी लगाने वालों ने गरीबों को अन्न-वस्त्र का खूब दान किया।
कार्तिक पूर्णिमा पर बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए भोर से ही लंबी कतार लग गई। हजारों की तादाद में श्रद्धालुओं ने बाबा के दरबार में जलाभिषेक किया। इस दौरान छत्ताद्वार के अलावा सरस्वती फाटक और कोतवालपुरा मार्गों पर लंबी कतारें सुबह से शाम तक लगी रहीं।
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कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान के लिए भीड़ का दबाव बढ़ने पर प्रशासन को आनन-फानन में दशाश्वमेध घाट जाने वाले स्नानार्थियों को रोकना पड़ा। इस घाट पर हजारों की तादाद में लोग स्नान नहीं कर सके। उन्हें दूसरे घाटों के लिए डायवर्ट कर दिया गया। इससे बड़ी तादाद में लोग अस्सी घाट, हनुमान घाट, केदार घाट, पांडेय घाट, राजा घाट पर डुबकी लगाने पहुंचे। पुण्य की डुबकी लगाने वालों ने गरीबों को अन्न-वस्त्र का खूब दान किया।
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कार्तिक पूर्णिमा पर बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए भोर से ही लंबी कतार लग गई। हजारों की तादाद में श्रद्धालुओं ने बाबा के दरबार में जलाभिषेक किया। इस दौरान छत्ताद्वार के अलावा सरस्वती फाटक और कोतवालपुरा मार्गों पर लंबी कतारें सुबह से शाम तक लगी रहीं।
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