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50 महीने में कर दिखाएंगे 50 साल का काम

Sat, 19 Sep 2015 02:13 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी Updated Sat, 19 Sep 2015 02:13 AM IST
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50 months in 50 years will do an Agatha Christie's work

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को काशी से गरीबी उन्मूलन का मंत्र दिया। ‘गरीबी हटाओ’ के नारे की सियासी परंपरा का जिक्र करते हुए विपक्षियों पर निशाना साधा। सवाल उठाया, गरीबी मुक्ति के अभियान के बावजूद बदलाव क्यों नहीं आ पाया।

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कहा, किसी दल या सरकार पर दोष मढ़ने की बजाय कुछ अच्छा करना उनका मकसद है। शिक्षा, तकनीक और हुनर के जरिये गरीबों को आत्मनिर्भर बनाएंगे। जो काम 50 साल में नहीं हो पाया, उसे 50 महीने में पूरा कर दिखाएंगे। रिक्शा वितरण के ‘प्रयोग’ के पीछे की सोच भी साझा की।
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कहा कि यह एक ऐसी शुरुआत है, जो काशी का भाग्य बदलेगी। शिक्षा को गरीबी से लड़ाई का सबसे बड़ा हथियार बताते हुए रिक्शा चालकों से गुजारिश की कि आप चाहे भले मुझसे नाराज हो जाएं लेकिन बच्चों को स्कूल जरूर भेजें।
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छावनी क्षेत्र स्थित मल्टीपरपज मैदान में पैडल और ई-रिक्शा, ठेला-ट्राली का वितरण करने के बाद अपने संबोधन में पीएम ने कहा कि गरीब को साथ लेकर ही गरीबी हटाई जा सकती है। गरीब को तकनीक और हुनर के जरिये आत्मनिर्भर बनाना है। इसके लिए सरकार स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम चला रही है।
 कहा कि यह उनका विजन है और इसका प्रयोग वह काशी से शुरू कर रहे हैं। यह कार्यक्रम सिर्फ कुछ गरीब परिवारों का जीवन बदलेगा ऐसा नहीं है, यह ऐसी शुरुआत है जो काशी का भाग्य बदलेगी। कहा कि शिक्षित होकर ही गरीबी मिटाई जा सकती है। उन्होंने सभी रिक्शे वालों को हर हाल में बच्चों को पढ़ाने की शपथ भी दिलाई।  
अपने 20 मिनट के संबोधन में बिना किसी का नाम लिए विपक्षियों पर निशाना साधा। कहा कि राजनीति में गरीबों के नाम की माला जपने की परंपरा बन गई है। इस परंपरा से बाहर आने की जरूरत है। जन-धन योजना का जिक्र करते हुए कहा कि बैंकों का राष्ट्रीयकरण होने के 50 साल बाद भी गरीब बैंक की दहलीज तक पहुंच नहीं पाया था। जनधन योजना के तहत महज एक साल में 18 करोड़ नए खाते खुले हैं।
 वो लोग जो 50 साल में हर गरीब का बैंक में खाता तक नहीं खोल पाए वे अब हिसाब मांग रहे हैं और पूछ रहे हैं खाते आपरेट हो रहे हैं या नहीं। गरीबों की ताकत देखिए कि उन्होंने इन खातों में 30 हजार करोड़ रुपये से अधिक जमा कर दिया। इससे पता चलता है कि खाते खुलने से गरीबों में बचत की प्रवृत्ति बढ़ी है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि गरीब मेहनत करने को तैयार है और गरीबी की गिरफ्त से बाहर निकलना चाहता है। जरूरत उनकी मूलभूत बातों पर ध्यान देने की है। गरीब की जिंदगी में टेक्नालाजी का प्रवेश कराकर गरीबी मिटाई जा सकती है। उन्हें स्किल डेवलपमेंट से जोड़कर हुनरमंद बनाने पर कोई व्यक्ति पहले से कम परिश्रम करके ज्यादा कमा सकता है।

 पीएम ने समारोह में 501 पैडल रिक्शा, ठेला-ट्राली और 101 ई-रिक्शों का वितरण किया। इनका वितरण अमेरिका-इंडिया फाउंडेशन और भारतीय माइक्रो क्रेडिट के सहयोग से किया गया। समारोह मेंराज्यपाल रामनाईक, प्रदेश के कारागार मंत्री बलराम यादव प्रमुख रूप से मौजूद थे।

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