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11 मार्च से दो विदेशी सहित 15 नाटकों का होगा मंचन0
Updated Fri, 09 Mar 2018 02:44 AM IST
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वाराणसी। दुनिया का सबसे बडा थिएटर फेस्टिवल देश में पहली बार बनारस में आयोजित होने जा रहा है। वाराणसी में फेस्टिवल का आयोजन 11 मार्च से 25 मार्च के बीच नागरी नाटक मंडली में होगा। नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (एनएसडी) की आरे से आयोजित थिएटर ओलंपिक्स का आयोजन भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से संपन्न होगा, जिसमें कुल 15 नाटकों का मंचन किया जाएगा। इस नाटक से शहरवासी लोक कला, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय थिएटर से रूबरू होने का अवसर मिलेगा। उक्त बातें नागरी नाटक मंडली में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा सोसायटी के एक्टिंग चेयरमैन डॉ. अर्जुन देव चरण ने बताई।
उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में बनारस के लोगोँ को 15 बेहतरीन नाटक नि:शुल्क देखने को मिलेगा, जिनमें रुदाली (उषा गांगुली), वेलकम ज़िंदगी(सौम्या जोशी), शांति (हिमानी शिवपुरी), खूबसूरत बाला(हेमा सिंह), घुमायी (बलवंत ठाकुर) और दो अंतरराष्ट्रीय प्रोडक्शन- सकुरा (कियेन योशिमुरा, जापान) और एडम (स्कॉटलैंड, द यूके) शामिल है। शहर में एक नेशनल सेमिनार का आयोजन भी होगा, जिसका विषय है द ट्रेडीशन ऑफ थिएटर इन इंडिया और थिएटर की जानी-मानी हस्तियोँ के साथ इंटरैक्शन की सीरीज ‘लिविंग लेजेंड’ का आयोजन भी होगा। कहा कि कला संचार का सबसे पुराना माध्यम है और एक कलाकार के लिए सबसे बड़ी प्रसन्नता का अवसर तब होता है जब वह उन दर्शकोँ के सम्मुख अपनी कला का प्रदर्शन करता है। थिएटर एक ऐसा माध्यम है जो अलग-अलग संस्कृतियों और परंपराओं के लोगों को एक छत के नीचे लाने और एकजुट करने की ताकत रखता है। दुनिया के सबसे बडे़ थिएटर फेस्टिवल को भारत में आयोजित कराकर हमें बेहद गर्व का एहसास हो रहा है। देश भर में 51 दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव के दौरान हम थिएटर के माध्यम से दुनिया भर को एक वैश्विक गांव में तब्दील करने का प्रयास करेंगे। नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा के डायरेक्टर प्रो. वामन केंद्रे ने कहा कि, पिछ्ले तीन सालों से हम थिएटर ओलंपिक्स को भारत में लेकर आने का स्वप्न देख रहे थे। इस साल हमारा सपना पूरा हो गया। हमारे इस सपने को साकार करने में डॉ. महेश शर्मा और मिनिस्ट्री ऑफ कल्चर का अभूतपूर्व सहयोग रहा है। इस फेस्टिवल का समापन आठ अप्रैल 2018 को मुंबई में होगा।
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उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में बनारस के लोगोँ को 15 बेहतरीन नाटक नि:शुल्क देखने को मिलेगा, जिनमें रुदाली (उषा गांगुली), वेलकम ज़िंदगी(सौम्या जोशी), शांति (हिमानी शिवपुरी), खूबसूरत बाला(हेमा सिंह), घुमायी (बलवंत ठाकुर) और दो अंतरराष्ट्रीय प्रोडक्शन- सकुरा (कियेन योशिमुरा, जापान) और एडम (स्कॉटलैंड, द यूके) शामिल है। शहर में एक नेशनल सेमिनार का आयोजन भी होगा, जिसका विषय है द ट्रेडीशन ऑफ थिएटर इन इंडिया और थिएटर की जानी-मानी हस्तियोँ के साथ इंटरैक्शन की सीरीज ‘लिविंग लेजेंड’ का आयोजन भी होगा। कहा कि कला संचार का सबसे पुराना माध्यम है और एक कलाकार के लिए सबसे बड़ी प्रसन्नता का अवसर तब होता है जब वह उन दर्शकोँ के सम्मुख अपनी कला का प्रदर्शन करता है। थिएटर एक ऐसा माध्यम है जो अलग-अलग संस्कृतियों और परंपराओं के लोगों को एक छत के नीचे लाने और एकजुट करने की ताकत रखता है। दुनिया के सबसे बडे़ थिएटर फेस्टिवल को भारत में आयोजित कराकर हमें बेहद गर्व का एहसास हो रहा है। देश भर में 51 दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव के दौरान हम थिएटर के माध्यम से दुनिया भर को एक वैश्विक गांव में तब्दील करने का प्रयास करेंगे। नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा के डायरेक्टर प्रो. वामन केंद्रे ने कहा कि, पिछ्ले तीन सालों से हम थिएटर ओलंपिक्स को भारत में लेकर आने का स्वप्न देख रहे थे। इस साल हमारा सपना पूरा हो गया। हमारे इस सपने को साकार करने में डॉ. महेश शर्मा और मिनिस्ट्री ऑफ कल्चर का अभूतपूर्व सहयोग रहा है। इस फेस्टिवल का समापन आठ अप्रैल 2018 को मुंबई में होगा।
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