फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Domestic violence Cases are brought to One Stop Center but no resolution is found forcing go to court

घरेलू हिंसा: वन स्टाॅप सेंटर में मामला आता है लेकिन समाधान नहीं निकलता, जाना पड़ता है कोर्ट; हर माह 55 नए केस

Fri, 24 Oct 2025 01:33 AM IST
वाराणसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: वाराणसी ब्यूरो Updated Fri, 24 Oct 2025 01:33 AM IST
सार

Varanasi News: वन स्टाॅप सेंटर में घरेलू विवाद को लेकर सुलह-समझाैता कराने की कोशिश की जाती है लेकिन कम ही मामले सुलझ पाते हैं। अधिकतर मामले अदालत में चले जाते हैं।

विज्ञापन
Domestic violence Cases are brought to One Stop Center but no resolution is found forcing go to court
वन स्टाॅप सेंटर की सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं की मदद के लिए बनाए गए वन स्टॉप सेंटर में हर महीने औसतन 55 नए मामले दर्ज हो रहे हैं। 25 फीसदी मामलों का समाधान सिर्फ बातचीत से संभव नहीं हो पाता है। 

विज्ञापन


कई बार पति-पत्नी या ससुराल पक्ष के बीच विवाद इतने गहरे होते हैं कि काउंसलिंग के बाद भी समझौते की संभावना खत्म हो जाती है। सेंटर से जुड़ी काउंसलर प्रियंका के अनुसार, कुछ महीनों में कई मामले आए हैं, जहां महिला उच्च शिक्षित है या किसी सम्मानित पद पर है। फिर भी घरेलू उत्पीड़न का शिकार हो रही हैं। कई बार शिकायत करने के बाद भी पीड़िता की बात सुनने वाला कोई नहीं होता। 
विज्ञापन


अधिकतर केस में आरोपी पति वकील, पुलिसकर्मी या फिर उच्च पदों पर आसीन होते हैं। ऐसे में उनके पास सिर्फ कोर्ट का रास्ता बचता है। सेंटर की प्रभारी रश्मि दुबे के मुताबिक, सबसे ज्यादा शिकायतें मानसिक और आर्थिक प्रताड़ना की होती हैं। कुछ मामलों में शारीरिक हिंसा की शिकायतें भी होती हैं, लेकिन बदनामी के डर से अधिकांश महिलाएं पुलिस तक नहीं पहुंच पातीं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Trending Videos

कई लोगों ने कर लिया कोर्ट का रुख

गाजीपुर की महिला स्टेट बैंक में उच्च पद पर कार्यरत थी। उनकी शादी 3 साल पहले वाराणसी में तैनात पुलिसकर्मी से हुई थी। कुछ महीने बाद महिला ने अपना ट्रांसफर वाराणसी करा लिया। महिला साथ रहने की जिद करने लगी। पति राजी नहीं हुआ। वन स्टॉप सेंटर में दोनों पक्षों को बातचीत के लिए बुलाया गया। समस्या का समाधान न होने पर महिला ने कोर्ट का रुख कर लिया। 

चंदौली के चंधासी की महिला की शादी पहड़िया क्षेत्र के युवक से 2022 में हुई थी। पति मुंबई में नौकरी करता था। ससुराल में लोग प्रताड़ित करते थे। पत्नी साथ रहने की जिद करने लगी, लेकिन पति मना करता रहा। पति अकसर घर वालों की ही सुनता था। वन स्टाप सेंटर में शिकायत के बाद भी समाधान नहीं हुआ, नतीजन मामला कोर्ट तक पहुंचा।

वन स्टॉप सेंटर में आने वाले 75 प्रतिशत केसों का समाधान हो रहा है। जिन केस के समाधान नहीं हो पाते हैं, उन्हें कोर्ट जाने की सलाह दी जाती है। महिलाओं और युवतियों की समस्याओं के समाधान के साथ ही उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया जाता है। - रश्मि दुबे, प्रभारी, वन स्टॉप सेंटर।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed