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भगवान जगन्नाथ को लगा काढ़े का भोग
Updated Sat, 30 Jun 2018 02:44 AM IST
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अत्यधिक स्नान के बाद बीमार होकर विश्राम गृह में स्वास्थ्य लाभ कर रहे भगवान जगन्नाथ, बलभद्र व सुभद्रा को शुक्रवार को काली मिर्च के काढ़े का भोग लगाया गया। बाद में यही काढ़ा भक्तों को प्रसाद स्वरूप वितरित किया गया। ज्येष्ठ पूर्णिमा पर गुरुवार को जलयात्रा के दौरान भक्तों ने भगवान जगन्नाथ के विग्रहों को स्नान कराया था। रात 10 बजे अस्वस्थ होने पर उन्हें विश्राम गृह में ले जाया गया।
शुक्रवार सुबह न तो मंदिर का कपाट खुला और न ही आरती व पूजन हुआ। दोपहर में भोग भी नहीं लगा। शाम चार बजे भगवान जगन्नाथ, बलभद्र व सुभद्रा को काली मिर्च के काढ़े का भोग लगाया गया। इसी दौरान धूपबत्ती से आरती की गई। इसके पश्चात फिर भगवान विश्राम में चले गए। भोग लगे काढ़ा का प्रसाद श्रद्धालुओं को वितरित किया गया। मंदिर के पुजारी पं. राधेश्याम पांडेय ने बताया कि यही प्रक्रिया 13 जुलाई तक चलेगी। स्वस्थ होने के बाद भगवान सुबह श्वेत वस्त्र में भक्तों को दर्शन देंगे। इसी दिन परवल के जूस का भोग लगेगा। बताया कि मान्यता है कि भगवान को भोग लगा काढ़ा पीने से श्रद्धालुओं को रोगों से मुक्ति मिलती है।
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शुक्रवार सुबह न तो मंदिर का कपाट खुला और न ही आरती व पूजन हुआ। दोपहर में भोग भी नहीं लगा। शाम चार बजे भगवान जगन्नाथ, बलभद्र व सुभद्रा को काली मिर्च के काढ़े का भोग लगाया गया। इसी दौरान धूपबत्ती से आरती की गई। इसके पश्चात फिर भगवान विश्राम में चले गए। भोग लगे काढ़ा का प्रसाद श्रद्धालुओं को वितरित किया गया। मंदिर के पुजारी पं. राधेश्याम पांडेय ने बताया कि यही प्रक्रिया 13 जुलाई तक चलेगी। स्वस्थ होने के बाद भगवान सुबह श्वेत वस्त्र में भक्तों को दर्शन देंगे। इसी दिन परवल के जूस का भोग लगेगा। बताया कि मान्यता है कि भगवान को भोग लगा काढ़ा पीने से श्रद्धालुओं को रोगों से मुक्ति मिलती है।
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