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सीबीएसई के पैटर्न पर यूपी बोर्ड का पाठ्यक्रम 0
Updated Fri, 06 Apr 2018 02:28 AM IST
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वाराणसी। प्रदेश सरकार के निर्देश पर वर्तमान सत्र से यूपी बोर्ड में एनसीईआरटी की किताबें लागू कर दी गई है। सीबीएसई की तर्ज पर अब यूपी बोर्ड के पाठ्यक्रम तैयार कर लिए गए हैं। इसके तहत इस साल की यूपी बोर्ड की बारहवीं की परीक्षा में अब दस की जगह पांच पेपर होंगे। पेपर 70 अंकों के होंगे और तीस नंबर का प्रैक्टिकल होगा।
इंजीनियरिंग और मेडिकल की प्रतियोगी परीक्षाएं सीबीएसई के ही पैटर्न पर होती हैं। सीबीएसई और यूपी बोर्ड का पाठ्यक्रम अलग होने की वजह से इन प्रतियोगी परीक्षाओं में यूपी बोर्ड के विद्यार्थी पिछड़ जाते थे। इसलिए सरकार ने दोनों बोर्ड के पाठ्यक्रम को एक समान कर दिया है। कक्षा नौवीं से 12वीं का पाठ्यक्रम सीबीएसई के पैटर्न पर कर दिया गया। इसके साथ ही एनसीईआरटी की किताबें भी लागू कर दी गई हैं। आदर्श इंटर कॉलेज के प्रवक्ता डॉ. मनराज यादव ने बताया कि सीबीएसई और यूपी बोर्ड के पाठ्यक्रम 80 फीसदी एक जैसे थे लेकिन अब शत प्रतिशत पाठ्यक्रम एक कर दिया गया है। इंटरमीडिएट में पहले हर विषय के दो पेपर होते थे। 2019 की बोर्ड परीक्षा से अब सभी विषयों के एक पेपर होंगे। फर्क बस इतना होगा कि सीबीएसई स्कूलों में अंग्रेजी मीडियम से पढ़ाई हो रही है जबकि यूपी बोर्ड में हिंदी मीडियम से पढ़ाई होगी।
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इंजीनियरिंग और मेडिकल की प्रतियोगी परीक्षाएं सीबीएसई के ही पैटर्न पर होती हैं। सीबीएसई और यूपी बोर्ड का पाठ्यक्रम अलग होने की वजह से इन प्रतियोगी परीक्षाओं में यूपी बोर्ड के विद्यार्थी पिछड़ जाते थे। इसलिए सरकार ने दोनों बोर्ड के पाठ्यक्रम को एक समान कर दिया है। कक्षा नौवीं से 12वीं का पाठ्यक्रम सीबीएसई के पैटर्न पर कर दिया गया। इसके साथ ही एनसीईआरटी की किताबें भी लागू कर दी गई हैं। आदर्श इंटर कॉलेज के प्रवक्ता डॉ. मनराज यादव ने बताया कि सीबीएसई और यूपी बोर्ड के पाठ्यक्रम 80 फीसदी एक जैसे थे लेकिन अब शत प्रतिशत पाठ्यक्रम एक कर दिया गया है। इंटरमीडिएट में पहले हर विषय के दो पेपर होते थे। 2019 की बोर्ड परीक्षा से अब सभी विषयों के एक पेपर होंगे। फर्क बस इतना होगा कि सीबीएसई स्कूलों में अंग्रेजी मीडियम से पढ़ाई हो रही है जबकि यूपी बोर्ड में हिंदी मीडियम से पढ़ाई होगी।
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