{"_id":"5a63a70f4f1c1b514a8b4ac2","slug":"21516480271-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तैराकी और जूडो में एक भी खिलाड़ी नहीं पहुंचे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तैराकी और जूडो में एक भी खिलाड़ी नहीं पहुंचे
Updated Sun, 21 Jan 2018 02:09 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। संपूर्णानंद सिगरा स्टेडियम में चल रहे स्पोर्ट्स हास्टल में दाखिले की प्रक्रिया में शनिवार को फुटबाल के प्रति खिलाड़ियों का कम रुझान देखने को मिला। वहीं हॉकी और क्रिकेट के लिए सबसे अधिक खिलाड़ी पहुंचे। तैराकी और जूडो में तो एक भी खिलाड़ी नहीं पहुंचे। हॉकी में तो पिछले साल के मुकाबले दुगुने खिलाड़ियों के पहुंचने से अधिकारियों में उत्साह नजर आया। दो दिनों से चल रहे स्पोर्ट्स हॉस्टल लखनऊ और सैफई में दाखिले की ट्रायल प्रक्रिया शनिवार को समाप्त हुई।
फुटबाल के लिए 70 खिलाड़ियों ने ट्रायल दिया, जबकि यह आंकड़ा पिछले साल के मुकाबले से अधिक था। वहीं हॉकी में सबसे 123 खिलाड़ी ट्रायल देने के लिए पहुंचे थे। सबसे लोकप्रिय खेल की बात करें तो क्रिकेट में 117 खिलाड़ियों ने ट्रायल दिया। वॉलीबाल में 66 खिलाड़ियों ने दाखिले के लिए जोर आजमाइश की। कुश्ती में 65, एथलेटिक्स में 33, कबड्डी में 19, जिमनास्टिक में 17 और बैडमिंटन में नौ खिलाड़ियों ने ट्रायल दिया। वहीं तैराकी और जूडो में दाखिले के लिए एक भी खिलाड़ी नहीं पहुंचे। स्पोर्ट्स कॉलेजों में दाखिले की प्रक्रिया में खिलाड़ियों की कम संख्या होने के कारण खेल विभाग पर भी सवालिया निशान लग सकता है। एक तरफ कें द्र और प्रदेश सरकार जहां खेल और खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए प्रयास कर रही है वहीं स्पोर्ट्स कॉलेज के दाखिले में खिलाड़ियों की कम संख्या चिंताजनक है।
विज्ञापन
फुटबाल के लिए 70 खिलाड़ियों ने ट्रायल दिया, जबकि यह आंकड़ा पिछले साल के मुकाबले से अधिक था। वहीं हॉकी में सबसे 123 खिलाड़ी ट्रायल देने के लिए पहुंचे थे। सबसे लोकप्रिय खेल की बात करें तो क्रिकेट में 117 खिलाड़ियों ने ट्रायल दिया। वॉलीबाल में 66 खिलाड़ियों ने दाखिले के लिए जोर आजमाइश की। कुश्ती में 65, एथलेटिक्स में 33, कबड्डी में 19, जिमनास्टिक में 17 और बैडमिंटन में नौ खिलाड़ियों ने ट्रायल दिया। वहीं तैराकी और जूडो में दाखिले के लिए एक भी खिलाड़ी नहीं पहुंचे। स्पोर्ट्स कॉलेजों में दाखिले की प्रक्रिया में खिलाड़ियों की कम संख्या होने के कारण खेल विभाग पर भी सवालिया निशान लग सकता है। एक तरफ कें द्र और प्रदेश सरकार जहां खेल और खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए प्रयास कर रही है वहीं स्पोर्ट्स कॉलेज के दाखिले में खिलाड़ियों की कम संख्या चिंताजनक है।
विज्ञापन