बनारस में कानपुर और लखनऊ से ज्यादा प्रदूषण

Varanasi Bureau Updated Sat, 11 Nov 2017 02:06 AM IST
वाराणसी। शहर की आबोहवा दिन पर दिन बिगड़ती जा रही है। शुक्रवार को शहर में वायु प्रदूषण लखनऊ और कानपुर से भी ज्यादा मापा गया और ये बेहद खतरनाक स्तर पर था। सुबह से रात तक स्मॉग बना रहा। प्रदूषण का ही असर रहा कि दिन में बुुजुर्गों को सांस लेने में परेशानी की दिक्कत होती रही। जानकारों का कहना है कि शहर में अगले दो से तीन दिन तक स्माग का असर रहेगा। धूप होने या फिर हवा चलने पर स्मॉग छंटेगा। हालांकि शहर में दिनों दिन बढ़ रहे प्रदूषण को कम करने के लिए प्रदूषण नियंत्रण, परिवहन विभाग और जिला प्रशासन की ओर से कोई पहल नहीं की जा रही है। पश्चिम यूपी में सरकार दस साल से पुराने डीजल वाहनों का संचालन रोकने को अभियान चला रही है लेकिन वाराणसी में कोई पहल नहीं की जा रही है।
शुक्रवार की सुबह से ही आसमान में धुंध की चादर थी। दिन में करीब ग्यारह बजे पीएम (2.5)-475 था और दोपहर एक बजे यह 482 हो गया है। रात आठ बजे यह 478 तक पहुंच गया। इस समय कानपुर में 465 और लखनऊ में प्रदूषण का स्तर 464 मापा गया। आगरा में प्रदूषण की स्थिति 412 पाई गई। जानकारों का कहना है कि दिल्ली और एनसीआर के स्मॉग का असर वाराणसी समेत पूरे पूर्वांचल में दिख रहा है। पिछले तीन दिन से प्रदूषण छाया हुआ है। प्रदूषण नियत्रंण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी घनश्याम का कहना है कि जल्द ही स्मॉग छंटने की उम्मीद है। हवा चलने और धूप निकलने से मौसम बदलेगा।

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