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गंगा, वरुणा और नाद नदी के साथ गोमती किनारे भी अवैध खनन
Updated Mon, 30 Oct 2017 02:26 AM IST
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दानगंज/वाराणसी।
प्रदेश सरकार अवैध खनन को लेकर जितना भी सख्त रुख अख्तियार कर ले लेकिन जिले के पुलिस, प्रशासन और खनन विभाग के अधिकारियों की शह पर खनन माफियाओं की मनमानी धड़ल्ले से जारी है। जिले में गंगा, वरुणा और नाद नदी के साथ ही चोलापुर क्षेत्र में गोमती के किनारे भी अवैध खनन धड़ल्ले से जारी है लेकिन जिम्मेदार पूरी तरह से आंख मूंदे हुए हैं। खनन माफियाओं की यह मनमानी प्रदेश सरकार के निर्देशों पर पूरी तरह से पलीता लगा रही है लेकिन अधिकारी हैं कि उन्हें कोई फर्क ही नहीं पड़ रहा है।
चोलापुर थाना क्षेत्र के मोहनदासपुर गांव की नाविक बस्ती के समीप गोमती नदी का किनारा मिट्टी के अवैध खनन के कारण खतरे में पड़ गया है। गोमती नदी का बाढ़ का पानी गांव में न आ सके इसके लिए मेड़बंदी कर बांध बनाया गया था लेकिन अब उसका कहीं पता ही नहीं है। इसी तरह कैथोर में तीन पोकलेन मशीन और 40 की संख्या में डंपर लगातार खनन कार्य में लगे हुए हैं। डंपरों की लगातार आवाजाही के कारण ही सुल्तानीपुर से दानगंज-कैथोर मार्ग की हालत बेहद जर्जर हो गई है। मदनावीर, ताला, टिसौर, बेला, उधोरामपुर,रजला, सुलेमापुर और हाजीपुर में भी इसी तरह चौबीसों घंटे जेसीबी गरजती रहती है और ट्रैक्टर फर्राटा भरते हुए दिखाई दे जाते हैं। क्षेत्र के ग्रामीण प्रदीप नाविक, राजेश नाविक, विजय और अनिल ने बताया कि अवैध खनन की कई बार शिकायत की गई लेकिन अधिकारियों ने ध्यान ही नहीं दिया। ग्रामीण कहते हैं कि रात भर जेसीबी, ट्रैक्टर और ट्रक का शोर परेशान करता है लेकिन समस्या को दूर कौन करेगा समझ में नहीं आता है।
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प्रदेश सरकार अवैध खनन को लेकर जितना भी सख्त रुख अख्तियार कर ले लेकिन जिले के पुलिस, प्रशासन और खनन विभाग के अधिकारियों की शह पर खनन माफियाओं की मनमानी धड़ल्ले से जारी है। जिले में गंगा, वरुणा और नाद नदी के साथ ही चोलापुर क्षेत्र में गोमती के किनारे भी अवैध खनन धड़ल्ले से जारी है लेकिन जिम्मेदार पूरी तरह से आंख मूंदे हुए हैं। खनन माफियाओं की यह मनमानी प्रदेश सरकार के निर्देशों पर पूरी तरह से पलीता लगा रही है लेकिन अधिकारी हैं कि उन्हें कोई फर्क ही नहीं पड़ रहा है।
चोलापुर थाना क्षेत्र के मोहनदासपुर गांव की नाविक बस्ती के समीप गोमती नदी का किनारा मिट्टी के अवैध खनन के कारण खतरे में पड़ गया है। गोमती नदी का बाढ़ का पानी गांव में न आ सके इसके लिए मेड़बंदी कर बांध बनाया गया था लेकिन अब उसका कहीं पता ही नहीं है। इसी तरह कैथोर में तीन पोकलेन मशीन और 40 की संख्या में डंपर लगातार खनन कार्य में लगे हुए हैं। डंपरों की लगातार आवाजाही के कारण ही सुल्तानीपुर से दानगंज-कैथोर मार्ग की हालत बेहद जर्जर हो गई है। मदनावीर, ताला, टिसौर, बेला, उधोरामपुर,रजला, सुलेमापुर और हाजीपुर में भी इसी तरह चौबीसों घंटे जेसीबी गरजती रहती है और ट्रैक्टर फर्राटा भरते हुए दिखाई दे जाते हैं। क्षेत्र के ग्रामीण प्रदीप नाविक, राजेश नाविक, विजय और अनिल ने बताया कि अवैध खनन की कई बार शिकायत की गई लेकिन अधिकारियों ने ध्यान ही नहीं दिया। ग्रामीण कहते हैं कि रात भर जेसीबी, ट्रैक्टर और ट्रक का शोर परेशान करता है लेकिन समस्या को दूर कौन करेगा समझ में नहीं आता है।
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