{"_id":"5a8f2c2f4f1c1bc83b8b85c9","slug":"201519332399-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"वरुणा नदी की तलहटी में अवैध खनन0","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वरुणा नदी की तलहटी में अवैध खनन0
Updated Fri, 23 Feb 2018 02:16 AM IST
विज्ञापन
वरुणा नदी की तलहटी में अवैध खनन
सब हेड
इंद्रपुर गांव के किसान की शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
बाबतपुर। शासन-प्रशासन की सख्ती के बावजूद खनन पर रोक नहीं लग सकी है। अब बड़ागांव क्षेत्र के इंद्रपुर गांव और इसके पास वरुणा नदी की तलहटी में बड़े पैमाने पर मिट्टी और बालू का अवैध खनन किया जा रहा है। वरुणा नदी किनारे रात में किए जा रहे अवैध खनन से किसानों को आशंका है कि खनन इसी तरह से जारी रहा तो भविष्य में उनकी जमीन नदी में समाहित हो जाएगी। ताज्जुब की बात यह भी है कि खनन की शिकायतों पर प्रशासनिक अधिकारी भी उदासीन बने हुए हैं।
इंद्रपुर निवासी राजेंद्र प्रसाद यादव ने बीते दिनों स्थानीय थाने में अवैध खनन की शिकायत की थी। वहां से कोई कार्रवाई न होते देख उच्चाधिकारियों के यहां गुहार लगाई। बाद में पीएम के संसदीय कार्यालय से लेकर मंत्री को भी बताया गया कि खनन माफिया सरकार द्वारा किसानों को अपने खेत से दो-ढाई फीट मिट्टी खोद कर निकालने की अनुमति का फायदा उठा रहे हैं। आदेश के आड़ में खनन माफिया 15-20 फीट तक खनन कर मिट्टी बेच रहे हैं। इससे नदी के आसपास बड़ा भू-भाग ऊबड़-खाबड़ हो गया है। बरसात में इसमें पानी भरेगा और अगर वरुणा में पानी बढ़ा तो यह खेतों में खड़ी फसल तक पहुंच जाएगा।
शिकायतों के बाद भी जांच-पड़ताल के लिए मौके पर कोई नहीं पहुंचा। उधर, एडीएम प्रशासन मुनींद्र नाथ उपाध्याय अवैध खनन की शिकायत मिलने से इन्कार कर रहे हैं। कहा, अगर ऐसा है तो एसडीएम से जांच कराके दोषियों पर कार्रवाई कराई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
सब हेड
इंद्रपुर गांव के किसान की शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
बाबतपुर। शासन-प्रशासन की सख्ती के बावजूद खनन पर रोक नहीं लग सकी है। अब बड़ागांव क्षेत्र के इंद्रपुर गांव और इसके पास वरुणा नदी की तलहटी में बड़े पैमाने पर मिट्टी और बालू का अवैध खनन किया जा रहा है। वरुणा नदी किनारे रात में किए जा रहे अवैध खनन से किसानों को आशंका है कि खनन इसी तरह से जारी रहा तो भविष्य में उनकी जमीन नदी में समाहित हो जाएगी। ताज्जुब की बात यह भी है कि खनन की शिकायतों पर प्रशासनिक अधिकारी भी उदासीन बने हुए हैं।
इंद्रपुर निवासी राजेंद्र प्रसाद यादव ने बीते दिनों स्थानीय थाने में अवैध खनन की शिकायत की थी। वहां से कोई कार्रवाई न होते देख उच्चाधिकारियों के यहां गुहार लगाई। बाद में पीएम के संसदीय कार्यालय से लेकर मंत्री को भी बताया गया कि खनन माफिया सरकार द्वारा किसानों को अपने खेत से दो-ढाई फीट मिट्टी खोद कर निकालने की अनुमति का फायदा उठा रहे हैं। आदेश के आड़ में खनन माफिया 15-20 फीट तक खनन कर मिट्टी बेच रहे हैं। इससे नदी के आसपास बड़ा भू-भाग ऊबड़-खाबड़ हो गया है। बरसात में इसमें पानी भरेगा और अगर वरुणा में पानी बढ़ा तो यह खेतों में खड़ी फसल तक पहुंच जाएगा।
विज्ञापन
शिकायतों के बाद भी जांच-पड़ताल के लिए मौके पर कोई नहीं पहुंचा। उधर, एडीएम प्रशासन मुनींद्र नाथ उपाध्याय अवैध खनन की शिकायत मिलने से इन्कार कर रहे हैं। कहा, अगर ऐसा है तो एसडीएम से जांच कराके दोषियों पर कार्रवाई कराई जाएगी।
विज्ञापन