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देश के सशक्तिकरण में हिंदी का योगदान महत्वपूर्ण- राम नाईक
Updated Sat, 10 Feb 2018 02:20 AM IST
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वाराणसी। राष्ट्रीयता और सशक्तिकरण में हिंदी का बहुत योगदान है। किसी भी देश की भाषा राष्ट्र और समाज की आत्मा होती है। हिंदी विश्व में मजबूत हो रही है। लिखने और बोलने में जितना अंतर कम होगा भाषा उतनी ही मजबूत होगी। यह बात राज्यपाल राम नाईक ने बतौर मुख्य अतिथि शुक्रवार को डीरेका में आयोजित राजभाषा सम्मेलन तथा पुरस्कार वितरण समारोह (उत्तर एक और उत्तर दो क्षेत्र) में व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि हिंदी के उपयोग में नए शब्दों का निर्माण, प्रचार प्रसार स्वप्रेरणा और स्वेच्छा से होना चाहिए। इस मौके पर उन्होंने अपनी पुस्तक ‘चरैवती-चरैवती’ के सार को समझाया। कार्यक्रम के दौरान हिंदी में विशिष्ट कार्य करने वाले 58 विभागों के 116 लोगों को सम्मानित भी किया गया। इस अवसर पर गौतमी ‘पत्रिका’ का विमोचन किया गया। इस कार्यक्रम में नौ प्रदेशों के लोग शामिल रहे।
इससे पूर्व विशिष्ट अतिथि मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश राजीव कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर सचिवालय को ई-ऑफिस में बदला जा रहा है। 31 मार्च तक लखनऊ का सचिवालय हिंदी में काम करने लगेगा। उन्होंने बताया कि हिंदी को मजबूती प्रदान करने में फिल्मों का भी सशक्त योगदान रहा है। उन्होंने हिंदी के प्रचार प्रसार के लिए अभियान चलाने की बात कही। इस दौरान उन्होंने कुछ संस्मरण भी सुनाए। अध्यक्षता कर रहे सचिव राजभाषा विभाग प्रभास कुमार झा ने कहा कि बनारस हिंदी का कारखाना है। उन्होंने जयशंकर प्रसाद और उनकी रचना कामायनी पर प्रकाश डाला।
प्रेमचंद के गोदान और पराड़कर का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इस साल के अंत तक हिंदी सहित विभिन्न भाषाओं में कोर बैंकिंग सोल्यूशन की सुविधा लेकर आ रहे हैं। इसके माध्यम से ई-बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, एटीएम, पासबुक में विभिन्न भाषाओं के विकल्प रहेंगे। मंत्रालय और आरबीआई के सहयोग से बैंकिंग सेवाओं का बहुभाषीकरण किया जा रहा है। उन्होंने हिंदी में कंटेंट को बढ़ावा देने और उच्चस्तरीय अनुवादकों की जरूरत पर बल दिया। 20 अगस्त को मारीशस में आयोजित हिंदी सम्मेलन में हिंदी एप लांच की बात कही। कार्यक्रम में अन्य विशिष्ट अतिथि केरूप में संयुक्त सचिव डॉ. विपिन बिहारी, प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त मधु महाजन, बैंक ऑफ बड़ौदा के लखनऊ मंडल प्रबंधक बीएस ढाका और डीरेका महाप्रबंधक रश्मि गोयल समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
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इससे पूर्व विशिष्ट अतिथि मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश राजीव कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर सचिवालय को ई-ऑफिस में बदला जा रहा है। 31 मार्च तक लखनऊ का सचिवालय हिंदी में काम करने लगेगा। उन्होंने बताया कि हिंदी को मजबूती प्रदान करने में फिल्मों का भी सशक्त योगदान रहा है। उन्होंने हिंदी के प्रचार प्रसार के लिए अभियान चलाने की बात कही। इस दौरान उन्होंने कुछ संस्मरण भी सुनाए। अध्यक्षता कर रहे सचिव राजभाषा विभाग प्रभास कुमार झा ने कहा कि बनारस हिंदी का कारखाना है। उन्होंने जयशंकर प्रसाद और उनकी रचना कामायनी पर प्रकाश डाला।
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प्रेमचंद के गोदान और पराड़कर का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इस साल के अंत तक हिंदी सहित विभिन्न भाषाओं में कोर बैंकिंग सोल्यूशन की सुविधा लेकर आ रहे हैं। इसके माध्यम से ई-बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, एटीएम, पासबुक में विभिन्न भाषाओं के विकल्प रहेंगे। मंत्रालय और आरबीआई के सहयोग से बैंकिंग सेवाओं का बहुभाषीकरण किया जा रहा है। उन्होंने हिंदी में कंटेंट को बढ़ावा देने और उच्चस्तरीय अनुवादकों की जरूरत पर बल दिया। 20 अगस्त को मारीशस में आयोजित हिंदी सम्मेलन में हिंदी एप लांच की बात कही। कार्यक्रम में अन्य विशिष्ट अतिथि केरूप में संयुक्त सचिव डॉ. विपिन बिहारी, प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त मधु महाजन, बैंक ऑफ बड़ौदा के लखनऊ मंडल प्रबंधक बीएस ढाका और डीरेका महाप्रबंधक रश्मि गोयल समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
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