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तथागत की उपदेश स्थली में खुलेंगी मन की परतें
Updated Sat, 30 Dec 2017 02:17 AM IST
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वाराणसी/सारनाथ। तथागत की उपदेश स्थली सारनाथ में मन के स्वरूप और कार्य पर मंथन किया जाएगा। 20 से अधिक देशों से आए दार्शनिक, वैज्ञानिक और आध्यात्मिक गुरु मन के रहस्यों की परतें खोलेंगे। इस दौरान भारतीय परंपरागत दर्शन, बौद्ध दर्शन, जैन दर्शन और आधुनिक विज्ञान के माध्यम से मन के अनसुलझे रहस्यों से परदा उठाने का प्रयास किया जाएगा। केंद्रीय उच्च तिब्बती शिक्षा संस्थान के स्वर्ण जयंती समारोह के दौरान 30-31 दिसंबर को आयोजित संगोष्ठी के दौरान 10 शोधपत्र पढ़े जाएंगे।
‘माइंड इन इंडियन फिलॉसफिकल स्कूल्स ऑफ थॉट एंड मॉडर्न साइंस’ विषयक संगोष्ठी में सांख्य, वेदांत, न्याय, थेरवाद, महायान और जैन दर्शन के विद्वानों के अलावा न्यूरो साइंस व मनोविज्ञान के दो वैज्ञानिक भी अपने शोधपत्र प्रस्तुत करेंगे। कुलपति प्रो. गेशे नवांग समतेन ने बताया कि भारतीय दर्शन में मन को बहुत महत्व दिया गया है जबकि विज्ञान मन को उस रूप में नहीं मानता। संगोष्ठी में इन्हीं बिंदुओं पर दार्शनिक और वैज्ञानिक चर्चा करेंगे।
संगोष्ठी के चेयरमैन प्रदीप प्रभाकर गोखले ने बताया कि थेरवाद पर श्रीलंका के प्रो. असंगा तिलकरत्ने, महायान पर कनाडा से आए थुक्तेन जिनपा, वज्रयान पर गेसे थपकी, सांख्य दर्शन पर प्रो. शुभा जोशी, न्याय दर्शन पर प्रो. सच्चिदानंद मिश्रा, सम्यक दर्शन पर प्रो. स्वामी आत्मप्रियानंद, प्रो. माइकल बिटबोल, डॉ. थुपतेन जिन्पा, प्रो. सियोन रैमन, प्रो. गेशे येश थाबाके आदि अपने शोधपत्र प्रस्तुत करेंगे।
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‘माइंड इन इंडियन फिलॉसफिकल स्कूल्स ऑफ थॉट एंड मॉडर्न साइंस’ विषयक संगोष्ठी में सांख्य, वेदांत, न्याय, थेरवाद, महायान और जैन दर्शन के विद्वानों के अलावा न्यूरो साइंस व मनोविज्ञान के दो वैज्ञानिक भी अपने शोधपत्र प्रस्तुत करेंगे। कुलपति प्रो. गेशे नवांग समतेन ने बताया कि भारतीय दर्शन में मन को बहुत महत्व दिया गया है जबकि विज्ञान मन को उस रूप में नहीं मानता। संगोष्ठी में इन्हीं बिंदुओं पर दार्शनिक और वैज्ञानिक चर्चा करेंगे।
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संगोष्ठी के चेयरमैन प्रदीप प्रभाकर गोखले ने बताया कि थेरवाद पर श्रीलंका के प्रो. असंगा तिलकरत्ने, महायान पर कनाडा से आए थुक्तेन जिनपा, वज्रयान पर गेसे थपकी, सांख्य दर्शन पर प्रो. शुभा जोशी, न्याय दर्शन पर प्रो. सच्चिदानंद मिश्रा, सम्यक दर्शन पर प्रो. स्वामी आत्मप्रियानंद, प्रो. माइकल बिटबोल, डॉ. थुपतेन जिन्पा, प्रो. सियोन रैमन, प्रो. गेशे येश थाबाके आदि अपने शोधपत्र प्रस्तुत करेंगे।
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