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चोरी की 21 बाइक और एक इंजन बरामद, पांच गिरफ्तार
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वाराणसी। कैंट पुलिस ने चोरी की 21 बाइक, एक इंजन और छह नंबर प्लेट के साथ पांच आरोपियों को रविवार की रात गिरफ्तार किया। आरोपियों के अनुसार गर्लफ्रेंड और खुद के महंगे शौकों को पूरे करने के लिए पांचों वाहन चुराने का काम करते थे। चुराई हुई बाइक का इंजन और चेसिस बदल कर उसे कॉलेजों और विश्वविद्यालयोें के छात्रों को सस्ते दाम में बेचा जाता था। इस कार्रवाई को डीजीपी ओपी सिंह ने सोमवार की प्रदेश की पुलिस की कार्रवाई में पहला स्थान दिया।
एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि कैंट थाना क्षेत्र में बढ़ती वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने की जिम्मेदारी सीओ कैंट डॉ. अनिल कुमार को सौंपी गई थी। इंस्पेक्टर कैंट विजय बहादुर सिंह को मुखबिर से सूचना मिली थी कि जेपी मेहता तिराहा के समीप चोरी की बाइक के साथ कुछ युवक खड़े हैं। इस सूचना पर इंस्पेक्टर कैंट ने एसआई अशोक कुमार, अंजनी मिश्र, सुनील यादव, धर्मदेव चौहान और रामांनद यादव की टीम के साथ छापेमारी की।
गिरफ्त में आए आरोपियों की शिनाख्त चोलापुर के मरूई सरैया के शुभम सिंह, फूलपुर के जाठी सिंधौरा के सुभाष कुमार, सारनाथ के घुरीपुर के दीपक कुमार पटेल और जौनपुर के केराकत थाना के बरई ककरहिया के सचिन गौतम व नुआंव बरई के बबलू राजभर के तौर पर हुई। आरोपियों की निशानदेही पर सिंधौना से चोरी की बाइक बरामद की गई। पूछताछ में सभी ने बताया कि बीते दो साल से वो दीनदयाल अस्पताल, कैंट रेलवे स्टेशन के सामने, नदेसर और शिवपुर क्षेत्र से बाइक चुरा कर बबलू राजभर के सर्विस सेंटर पर ले जाते थे। वहां इंजन और चेसिस एक-दूसरे में बदल कर ग्राहकों को बुलाकर बाइक बेच देते थे। एसएसपी ने आरोपियों को गिरफ्तार कर 21 बाइक बरामद करने वाले इंस्पेक्टर कैंट व उनकी टीम को 15 हजार का पुरस्कार दिया।
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कैंट पुलिस के खुलासे के बाद सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हुए। बताया गया कि शनिवार को जेपी मेहता स्कूल के पास से एक बाइक चोर को आमजन ने पकड़ कर पुलिस को सौंपा था। उसी के सहारे पुलिस अन्य चार आरोपियों तक पहुंची और चोरी की 21 बाइक बरामद की गई। सोशल मीडिया यूजर्स का कहना था कि यह सही है कि पुलिस ने उसी चोर के सहारे चार अन्य आरोपियों को पकड़ कर 21 बरामद की। मगर, इस काम में सिर्फ पुलिस की पीठ ही नहीं थपथपाई जानी थी।
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एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि कैंट थाना क्षेत्र में बढ़ती वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने की जिम्मेदारी सीओ कैंट डॉ. अनिल कुमार को सौंपी गई थी। इंस्पेक्टर कैंट विजय बहादुर सिंह को मुखबिर से सूचना मिली थी कि जेपी मेहता तिराहा के समीप चोरी की बाइक के साथ कुछ युवक खड़े हैं। इस सूचना पर इंस्पेक्टर कैंट ने एसआई अशोक कुमार, अंजनी मिश्र, सुनील यादव, धर्मदेव चौहान और रामांनद यादव की टीम के साथ छापेमारी की।
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गिरफ्त में आए आरोपियों की शिनाख्त चोलापुर के मरूई सरैया के शुभम सिंह, फूलपुर के जाठी सिंधौरा के सुभाष कुमार, सारनाथ के घुरीपुर के दीपक कुमार पटेल और जौनपुर के केराकत थाना के बरई ककरहिया के सचिन गौतम व नुआंव बरई के बबलू राजभर के तौर पर हुई। आरोपियों की निशानदेही पर सिंधौना से चोरी की बाइक बरामद की गई। पूछताछ में सभी ने बताया कि बीते दो साल से वो दीनदयाल अस्पताल, कैंट रेलवे स्टेशन के सामने, नदेसर और शिवपुर क्षेत्र से बाइक चुरा कर बबलू राजभर के सर्विस सेंटर पर ले जाते थे। वहां इंजन और चेसिस एक-दूसरे में बदल कर ग्राहकों को बुलाकर बाइक बेच देते थे। एसएसपी ने आरोपियों को गिरफ्तार कर 21 बाइक बरामद करने वाले इंस्पेक्टर कैंट व उनकी टीम को 15 हजार का पुरस्कार दिया।
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कैंट पुलिस के खुलासे के बाद सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हुए। बताया गया कि शनिवार को जेपी मेहता स्कूल के पास से एक बाइक चोर को आमजन ने पकड़ कर पुलिस को सौंपा था। उसी के सहारे पुलिस अन्य चार आरोपियों तक पहुंची और चोरी की 21 बाइक बरामद की गई। सोशल मीडिया यूजर्स का कहना था कि यह सही है कि पुलिस ने उसी चोर के सहारे चार अन्य आरोपियों को पकड़ कर 21 बरामद की। मगर, इस काम में सिर्फ पुलिस की पीठ ही नहीं थपथपाई जानी थी।