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छाऊ, राई, पाई से हुआ अतिथियों का स्वागत
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वाराणसी। टेंट सिटी आने वाले अतिथियों का स्वागत संगीत से किया जा रहा है। परिसर में प्रवेश पर उनको शहनाई की धुन सुनाई दे रही है। सभी प्रवेश द्वारों पर बुंदेलखंड झांसी का राई नृत्य हो रहा है, वहीं बंगाल उड़ीसा और झारखंड में प्रचलित आदिवासी नृत्य छाऊ भी देखने को मिला। साथ ही महोबा के प्रसिद्घ नृत्य में पाई डंडा लोक नृत्य भी देखने को मिला है। इससे टेंट परिसर के बाहर इस संगीत को देखने वालों की भीड़ लगी रही।
दिल है, चाहत है बस सरकार को जागने की जरूरत है
हम तो भारतीय ही हैं, हम लोगों का दिल भी हिंदुस्तानी है, बस सरकार अगर सहयोग करे तो विदेशों में हो रहा पलायन काफी हद तक कम हो जाएगा। यह बातें यूएई के सरजा एसोसिएशन के अजय कुमार, अब्राहम चाको, शाजिद, जाफर, मो. जाबिर ने टेंट सिटी में पहुंचने के बाद कही। उन्होंने कहा कि विश्व की अधिकतर बड़ी कंपनियों के उच्च पदस्थ अधिकारी भारतीय है। दो ऐसोसिएशन के करीब 50 लोग आए हुए हैं, जो इस सम्मेलन का हिस्सा बनेंगे।
अब तो परिवार के साथ हर साल आऊंगा
चेन्नई और पांडिचेरी पिछले 25 साल पहले फ्रांस के पेरिस में बसे वेंकटरमा पिल्लैई गुण शंकरन और उनके परिवार के सदस्यों ने कहा कि पहली बार काशी आया हूं। बहुत अच्छा लगा, अब तो हर साल परिवार के साथ काशी आऊंगा। उन्होंने बताया कि वहां बिजनेस है, दुकानें खोली गई हैं। व्यस्तता रहती है। इसके बाद भी हर साल अपने देश अपनी मातृभूमि को नमन करने आते हैं। अब तो काशी भी आएंगे और एक दो दिन काशी में बिताएंगे।
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प्रधानमंत्री से मिलने आए हैं
सोमवार की शाम को दुबई से 150 लोगों का दल काशी पहुंचा। उन्होंने बताया कि हम लोग रीवा मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं और लगभग 15 साल से दुबई में रह रहे हैं। हम लोग प्रमुख रूप से भारत के प्रधानमंत्री और वाराणसी के सांसद से मिलने आए हैं। हम लोगों की दिली तमन्ना है कि विकास के साथ ही देश को आगे बढ़ाने में सहयोग करें। इसके लिए ही सरकार को कुछ विशेष इंजताम करना चाहिए, ताकि देश की तरक्की हो सके।
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दिल है, चाहत है बस सरकार को जागने की जरूरत है
हम तो भारतीय ही हैं, हम लोगों का दिल भी हिंदुस्तानी है, बस सरकार अगर सहयोग करे तो विदेशों में हो रहा पलायन काफी हद तक कम हो जाएगा। यह बातें यूएई के सरजा एसोसिएशन के अजय कुमार, अब्राहम चाको, शाजिद, जाफर, मो. जाबिर ने टेंट सिटी में पहुंचने के बाद कही। उन्होंने कहा कि विश्व की अधिकतर बड़ी कंपनियों के उच्च पदस्थ अधिकारी भारतीय है। दो ऐसोसिएशन के करीब 50 लोग आए हुए हैं, जो इस सम्मेलन का हिस्सा बनेंगे।
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अब तो परिवार के साथ हर साल आऊंगा
चेन्नई और पांडिचेरी पिछले 25 साल पहले फ्रांस के पेरिस में बसे वेंकटरमा पिल्लैई गुण शंकरन और उनके परिवार के सदस्यों ने कहा कि पहली बार काशी आया हूं। बहुत अच्छा लगा, अब तो हर साल परिवार के साथ काशी आऊंगा। उन्होंने बताया कि वहां बिजनेस है, दुकानें खोली गई हैं। व्यस्तता रहती है। इसके बाद भी हर साल अपने देश अपनी मातृभूमि को नमन करने आते हैं। अब तो काशी भी आएंगे और एक दो दिन काशी में बिताएंगे।
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प्रधानमंत्री से मिलने आए हैं
सोमवार की शाम को दुबई से 150 लोगों का दल काशी पहुंचा। उन्होंने बताया कि हम लोग रीवा मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं और लगभग 15 साल से दुबई में रह रहे हैं। हम लोग प्रमुख रूप से भारत के प्रधानमंत्री और वाराणसी के सांसद से मिलने आए हैं। हम लोगों की दिली तमन्ना है कि विकास के साथ ही देश को आगे बढ़ाने में सहयोग करें। इसके लिए ही सरकार को कुछ विशेष इंजताम करना चाहिए, ताकि देश की तरक्की हो सके।