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घोटाला करने वालों को बचा रहा जिला प्रशासन0
Updated Sun, 01 Apr 2018 02:12 AM IST
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वाराणसी। जिला पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर गोलमाल के मामले में प्रशासन घपलेबाजों को बचाने में जुट गया है। यह आरोप जिला पंचायत सदस्यों ने लगाया है। सदस्यों का कहना है कि इस मामले में डीएम ने सीडीओ से तीन दिन में रिपोर्ट मांगी थी। दो सप्ताह बीतने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। मामले में जिला पंचायत सदस्यों के प्रतिनिधिमंडल ने मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल से 22 मार्च को मुलाकात कर पूरे मामले की जांच की मांग की थी।
जिला पंचायत सदस्य अमित सोनकर, रामचंद्र पाल, कुंवर वीरेंद्र, भारतेश्वर पटेल रिंकू, जगदीश नारायण गुप्ता, गायत्री कन्नौजिया, रीता सोनकर, राजकुमार चौहान, सुरेंद्र पटेल और जितेंद्र चौहान ने बताया कि इस मंडलायुक्त को लिखित प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की गई थी। उन्होंने एक सप्ताह में जिलाधिकारी से रिपोर्ट तलब की थी। इससे पहले जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र ने सीडीओ सुनील कुमार वर्मा से तीन दिन के अंदर जांच रिपोर्ट मांगी थी। बताया जाता है कि कानूनी प्रावधानों के मुताबिक जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ सीडीओ जांच नहीं कर सकते हैं।
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जिला पंचायत सदस्य अमित सोनकर, रामचंद्र पाल, कुंवर वीरेंद्र, भारतेश्वर पटेल रिंकू, जगदीश नारायण गुप्ता, गायत्री कन्नौजिया, रीता सोनकर, राजकुमार चौहान, सुरेंद्र पटेल और जितेंद्र चौहान ने बताया कि इस मंडलायुक्त को लिखित प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की गई थी। उन्होंने एक सप्ताह में जिलाधिकारी से रिपोर्ट तलब की थी। इससे पहले जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र ने सीडीओ सुनील कुमार वर्मा से तीन दिन के अंदर जांच रिपोर्ट मांगी थी। बताया जाता है कि कानूनी प्रावधानों के मुताबिक जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ सीडीओ जांच नहीं कर सकते हैं।
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