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दूसरे दिन भी बंद रहा विश्वविद्यालय, वापस लौटे कुलपति
Updated Thu, 25 Oct 2018 01:40 AM IST
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वाराणसी। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में शिक्षकों की नियुक्ति पर रोक के विरोध में दूसरे दिन बुधवार को भी विश्वविद्यालय बंद रहा। इस दौरान छात्रनेताओं ने कुलपति को कार्यालय में जाने नहीं दिया और उन्हें वापस जाना पड़ा। विभागों में ताला बंद होने की वजह से जहां कक्षाएं नहीं चलीं, वहीं केंद्रीय कार्यालय में कोई विभाग नहीं खुला, जिससे परीक्षा विभाग सहित अन्य विभागों में कामकाज के लिए आए लोगों को वापस लौटना पड़ा। नेताओं ने दीक्षांत समारोह के बहिष्कार की चेतावनी दी है।
विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में चल रही नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर शासन स्तर पर शिकायत के बाद अब रोक लगा दी गई है। सोमवार को शासन ने कुलपति से किसी भी शिक्षक का अनुमोदन न करने का आदेश जारी कर दिया। इधर, इसकी जानकारी होते ही मंगलवार से छात्रनेता विरोध कर रहे हैं। पहले दिन की तरह दूसरे दिन बुधवार को भी विश्वविद्यालय बंद कराया। सुबह कुलपति कार्यालय पहुंचे और धरनारत छात्रनेताओं से बातचीत की लेकिन वह नियुक्ति बहाली के लिखित आदेश पर अड़े रहे। बात नहीं बनी तो कुलपति को वापस लौटना पड़ा। इस दौरान शिक्षक, कर्मचारी विश्वविद्यालय पहुंचे लेकिन उन्हें बाहर ही रहना पड़ा। छात्रसंघ अध्यक्ष बृजेश त्रिपाठी, डॉ. साकेत शुक्ला, जगदंबा मिश्र बली आदि ने मांगें न माने जाने पर दीक्षांत समारोह न होने की चेतावनी दी है। उधर, विरोध देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात रही।
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विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में चल रही नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर शासन स्तर पर शिकायत के बाद अब रोक लगा दी गई है। सोमवार को शासन ने कुलपति से किसी भी शिक्षक का अनुमोदन न करने का आदेश जारी कर दिया। इधर, इसकी जानकारी होते ही मंगलवार से छात्रनेता विरोध कर रहे हैं। पहले दिन की तरह दूसरे दिन बुधवार को भी विश्वविद्यालय बंद कराया। सुबह कुलपति कार्यालय पहुंचे और धरनारत छात्रनेताओं से बातचीत की लेकिन वह नियुक्ति बहाली के लिखित आदेश पर अड़े रहे। बात नहीं बनी तो कुलपति को वापस लौटना पड़ा। इस दौरान शिक्षक, कर्मचारी विश्वविद्यालय पहुंचे लेकिन उन्हें बाहर ही रहना पड़ा। छात्रसंघ अध्यक्ष बृजेश त्रिपाठी, डॉ. साकेत शुक्ला, जगदंबा मिश्र बली आदि ने मांगें न माने जाने पर दीक्षांत समारोह न होने की चेतावनी दी है। उधर, विरोध देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात रही।
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