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200 करोड़ से बदलेगी जिले की सूरत
Updated Tue, 19 Jun 2018 12:36 AM IST
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ज्ञानपुर। भदोही जिले की सूरत बदलने के लिए करीब दो सौ करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला योजना समिति की बैठक में 197 करोड़ 90 लाख के विकास कार्योें के प्रस्ताव को मंजूरी दी। उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम पंक्ति में बैठे व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना ही शासन की मंशा है। अफसरों को योजनाओं को पारदर्शी तरीके से लागू करने की हिदायत दी।
सुबह 11 बजे के बाद कलेक्ट्रेट पहुंचे प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों के साथ दो घंटे से अधिक समय तक जिला योजना समिति की बैठक की। मैराथन बैठक में उन्होंने जिला योजना संरचना वित्तीय वर्ष 2018-19 में 197 करोड़ 90 लाख परिव्यय को स्वीकृति प्रदान की। इसमें मनरेगा, पशुपालन, वन विभाग, ग्राम्य विकास, पंचायती राज, सड़क एवं पुल, शिक्षा विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, पेयजल, छात्रवृत्ति के लिए पर्याप्त धनराशि का समावेश किया गया। जिला योजना में शामिल विभागों में कृषि विभाग 30 लाख, उद्यान विभाग 18.50 लाख, पशुपालन विभाग 122 लाख 26 हजार, दुग्ध विकास 101 लाख 26 हजार, वन विभाग 181 लाख 70 हजार, ग्राम्य विकास के विशेष कार्यक्रम पर 139 लाख पांच हजार, सिंचाई एवं जल संसाधन 75 लाख 97 हजार, रोजगार कार्यक्रम 2704 लाख, पंचायती राज 555 लाख, निजी लघु सिंचाई 524 लाख 60 हजार, राजकीय लघु सिंचाई 115 लाख, अतिरिक्त उर्जा श्रोत तीन लाख 55 हजार, खादी एवं ग्रामोद्योग के लिए पांच लाख, सड़क एवं पुल पर 1327 लाख 94 हजार, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के लिए दो लाख का बजट तय किया गया।
इसी तरह पर्यटन के लिए 185 लाख, प्राथमिक शिक्षा 767 लाख 61 हजार, माध्यमिक शिक्षा 998 लाख 42 हजार, उच्च शिक्षा 70 लाख, प्राविधिक शिक्षा 17 लाख 11 हजार, प्रादेशिक विकास दल दो लाख 22 हजार, एलोपैथिक 1879 लाख, अस्पतालों पर 91 लाख, होम्योपैथिक चिकित्सा 59 लाख, आयुर्वेदिक/यूनानी चिकित्सा 50 लाख, ग्रामीण पेयजल ग्राम्य विकास 500 लाख, ग्रामीण स्वच्छता 300 लाख, ग्रामीण आवास 4560 लाख, नगर विकास 338 लाख 52 हजार, अनुसूचित जाति कल्याण 181 लाख 14 हजार, पिछड़ी जाति कल्याण 18 लाख, अल्पसंख्यक कल्याण एक लाख, समाज कल्याण सामान्य जाति 324 लाख 29 हजार, शिल्पकार प्रशिक्षण 102 लाख 25 हजार, समाज कल्याण 1836 लाख 87 हजार, विकलांग कल्याण 36 लाख 50 हजार, महिला कल्याण 1566 लाख 24 हजार का बजट तय किया गया। इसके अलावा नलकूप और दिव्याग कल्याण विभाग का बजट बढ़ाने के साथ परिव्यय स्वीकृत किया गया।
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प्रभारी मंत्री ने अफसरों को जनप्रतिनिधियों के सुझावों को प्राथमिकता देने की हिदायत दी। कहा कि मैं भदोही और अमरोहा का प्रभारी मंत्री हूं। विकास की सूची में भदोही चौथे तो अमरोहा का पांचवें स्थान पर है। हम लोग मिलकर कोशिश करें तो प्रदेश में भदोही प्रथम स्थान होगा। विधायक रवींद्र नाथ त्रिपाठी और दीनानाथ भाष्कर ने विधायक निधि से नेडा को पैसा देने के बावजूद सोलर लाइट का काम न होने की शिकायत की। इस पर मंत्री ने परियोजना निदेशक नेडा को फटकार लगाई और दो दिन के भीतर काम पूरा कराने को कहा। इस मौके पर सांसद वीरेंद्र सिहं, ज्ञानपुर विधायक विजय मिश्र, डीएम राजेंद्र प्रसाद, एसपी सचिंद्र पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष काजल यादव, सीडीओ हरिशंकर सिंह, हौसिला प्रसाद पाठक, शैलेंद्र दूबे, सचिन त्रिपाठी, बनवारी लाल, प्रशांत सिंह चिट्टू आदि मौजूद रहे।
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सुबह 11 बजे के बाद कलेक्ट्रेट पहुंचे प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों के साथ दो घंटे से अधिक समय तक जिला योजना समिति की बैठक की। मैराथन बैठक में उन्होंने जिला योजना संरचना वित्तीय वर्ष 2018-19 में 197 करोड़ 90 लाख परिव्यय को स्वीकृति प्रदान की। इसमें मनरेगा, पशुपालन, वन विभाग, ग्राम्य विकास, पंचायती राज, सड़क एवं पुल, शिक्षा विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, पेयजल, छात्रवृत्ति के लिए पर्याप्त धनराशि का समावेश किया गया। जिला योजना में शामिल विभागों में कृषि विभाग 30 लाख, उद्यान विभाग 18.50 लाख, पशुपालन विभाग 122 लाख 26 हजार, दुग्ध विकास 101 लाख 26 हजार, वन विभाग 181 लाख 70 हजार, ग्राम्य विकास के विशेष कार्यक्रम पर 139 लाख पांच हजार, सिंचाई एवं जल संसाधन 75 लाख 97 हजार, रोजगार कार्यक्रम 2704 लाख, पंचायती राज 555 लाख, निजी लघु सिंचाई 524 लाख 60 हजार, राजकीय लघु सिंचाई 115 लाख, अतिरिक्त उर्जा श्रोत तीन लाख 55 हजार, खादी एवं ग्रामोद्योग के लिए पांच लाख, सड़क एवं पुल पर 1327 लाख 94 हजार, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के लिए दो लाख का बजट तय किया गया।
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इसी तरह पर्यटन के लिए 185 लाख, प्राथमिक शिक्षा 767 लाख 61 हजार, माध्यमिक शिक्षा 998 लाख 42 हजार, उच्च शिक्षा 70 लाख, प्राविधिक शिक्षा 17 लाख 11 हजार, प्रादेशिक विकास दल दो लाख 22 हजार, एलोपैथिक 1879 लाख, अस्पतालों पर 91 लाख, होम्योपैथिक चिकित्सा 59 लाख, आयुर्वेदिक/यूनानी चिकित्सा 50 लाख, ग्रामीण पेयजल ग्राम्य विकास 500 लाख, ग्रामीण स्वच्छता 300 लाख, ग्रामीण आवास 4560 लाख, नगर विकास 338 लाख 52 हजार, अनुसूचित जाति कल्याण 181 लाख 14 हजार, पिछड़ी जाति कल्याण 18 लाख, अल्पसंख्यक कल्याण एक लाख, समाज कल्याण सामान्य जाति 324 लाख 29 हजार, शिल्पकार प्रशिक्षण 102 लाख 25 हजार, समाज कल्याण 1836 लाख 87 हजार, विकलांग कल्याण 36 लाख 50 हजार, महिला कल्याण 1566 लाख 24 हजार का बजट तय किया गया। इसके अलावा नलकूप और दिव्याग कल्याण विभाग का बजट बढ़ाने के साथ परिव्यय स्वीकृत किया गया।
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प्रभारी मंत्री ने अफसरों को जनप्रतिनिधियों के सुझावों को प्राथमिकता देने की हिदायत दी। कहा कि मैं भदोही और अमरोहा का प्रभारी मंत्री हूं। विकास की सूची में भदोही चौथे तो अमरोहा का पांचवें स्थान पर है। हम लोग मिलकर कोशिश करें तो प्रदेश में भदोही प्रथम स्थान होगा। विधायक रवींद्र नाथ त्रिपाठी और दीनानाथ भाष्कर ने विधायक निधि से नेडा को पैसा देने के बावजूद सोलर लाइट का काम न होने की शिकायत की। इस पर मंत्री ने परियोजना निदेशक नेडा को फटकार लगाई और दो दिन के भीतर काम पूरा कराने को कहा। इस मौके पर सांसद वीरेंद्र सिहं, ज्ञानपुर विधायक विजय मिश्र, डीएम राजेंद्र प्रसाद, एसपी सचिंद्र पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष काजल यादव, सीडीओ हरिशंकर सिंह, हौसिला प्रसाद पाठक, शैलेंद्र दूबे, सचिन त्रिपाठी, बनवारी लाल, प्रशांत सिंह चिट्टू आदि मौजूद रहे।