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विश्वविद्यालय पहुंचे जस्टिस कलीमुल्लाह, जांच शुरू
Updated Sun, 29 Oct 2017 01:51 AM IST
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वाराणसी। बीएचयू पत्रकारिता विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. शोभना नार्लीकर और कला संकाय प्रमुख प्रो. कुमार पंकज के बीच चल रहे विवाद की जांच करने हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज कलीमुल्लाह खान एक बार फिर विश्वविद्यालय पहुंच गए हैं। शनिवार को उनके बुलावे पर एलडी गेस्ट हाउस पहुंचकर प्रो. कुमार पंकज सहित कुछ और लोगों ने अपना पक्ष रखा। जस्टिस ने चीफ प्रॉक्टर प्रो. रोयाना सिंह से भी पूछताछ की। घटना की जांच के लिए जस्टिस का यह चौथा दौरा है।
डॉ. नार्लीकर ने बीते आठ जुलाई को लंका थाने में तहरीर देकर प्रो. पंकज के विरुद्ध धमकी देने के साथ ही एससी-एसटी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। तीन दिन बाद छात्रों, शिक्षकों संग सिंहद्वार पर धरना देने के साथ ही संकाय प्रमुख की गिरफ्तारी के लिए लंका थाने का घेराव भी किया गया था। उधर 65 शिक्षकों ने कुलपति को पत्र देकर डॉ. नार्लीकर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। कुलपति ने न्यायिक जांच कराने का फैसला लेते हुए हाईकोर्ट के रिटायर जज जस्टिस कलीमुल्लाह खान का नाम तय किया और सहमति के बाद जांच चल रही है।
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डॉ. नार्लीकर ने बीते आठ जुलाई को लंका थाने में तहरीर देकर प्रो. पंकज के विरुद्ध धमकी देने के साथ ही एससी-एसटी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। तीन दिन बाद छात्रों, शिक्षकों संग सिंहद्वार पर धरना देने के साथ ही संकाय प्रमुख की गिरफ्तारी के लिए लंका थाने का घेराव भी किया गया था। उधर 65 शिक्षकों ने कुलपति को पत्र देकर डॉ. नार्लीकर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। कुलपति ने न्यायिक जांच कराने का फैसला लेते हुए हाईकोर्ट के रिटायर जज जस्टिस कलीमुल्लाह खान का नाम तय किया और सहमति के बाद जांच चल रही है।
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