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खुद संचालित करें मंडी, होगा मुनाफा
Updated Sat, 09 Jun 2018 02:28 AM IST
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वाराणसी। प्रदेश के कृषि राज्यमंत्री रणवेंद्र प्रताप सिंह ने किसानों से आह्वान किया कि वे जैविक खेती पर जोर दें। कृषि विभाग की ओर से बीएचयू में राष्ट्रीय परंपरागत कृषि विकास योजना पर आयोजित कार्यशाला में उन्होंने कहा कि जैविक खेती से किसानों द्वारा कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि किसान खुद की जमीन पर मंडी स्थापित करें, सरकार उन्हें लाइसेंस देगी। इससे मुनाफा में वृद्धि होगी।
उन्होंने बताया कि अब तक मंडियों के अध्यक्ष उप जिलाधिकारी होते थे लेकिन वर्तमान में प्रदेश सरकार ने किसानों को ही मंडियों का अध्यक्ष व उपाध्यक्ष बनाने की पहल की है। इससे किसानों की समस्याओं का निराकरण व मंडियों का संचालन बेहतर तरीके से होगा। उन्होंने कहा कि जो किसान अपने खुद की जमीन पर मंडी स्थापित करना चाहते हैं उन्हें प्रदेश सरकार लाइसेंस देगी। इसके लिए कोई मंडी शुल्क नहीं देना होगा। कार्यशाला में प्राकृतिक खेती शोध संस्थान मध्य प्रदेश के तारा चंद बेलजी, डॉ. आरपी मिश्र, डॉ. कृष्ण चंदा ने जैविक खेती के बारे में बताया। कार्यक्रम में पूर्वांचल के साथ हरियाणा, पंजाब, जम्मू कश्मीर, उत्तराखंड, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान के अधिकारी व प्रगतिशील किसानों ने हिस्सा लिया। संयुक्त कृषि निदेशक अखिलेश चंद्र शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
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उन्होंने बताया कि अब तक मंडियों के अध्यक्ष उप जिलाधिकारी होते थे लेकिन वर्तमान में प्रदेश सरकार ने किसानों को ही मंडियों का अध्यक्ष व उपाध्यक्ष बनाने की पहल की है। इससे किसानों की समस्याओं का निराकरण व मंडियों का संचालन बेहतर तरीके से होगा। उन्होंने कहा कि जो किसान अपने खुद की जमीन पर मंडी स्थापित करना चाहते हैं उन्हें प्रदेश सरकार लाइसेंस देगी। इसके लिए कोई मंडी शुल्क नहीं देना होगा। कार्यशाला में प्राकृतिक खेती शोध संस्थान मध्य प्रदेश के तारा चंद बेलजी, डॉ. आरपी मिश्र, डॉ. कृष्ण चंदा ने जैविक खेती के बारे में बताया। कार्यक्रम में पूर्वांचल के साथ हरियाणा, पंजाब, जम्मू कश्मीर, उत्तराखंड, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान के अधिकारी व प्रगतिशील किसानों ने हिस्सा लिया। संयुक्त कृषि निदेशक अखिलेश चंद्र शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
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