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जांच टीम गांव पहुंच गई तब प्रशासन को पता लगा
Updated Mon, 15 Jan 2018 02:33 AM IST
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वाराणसी। खनिज निदेशालय की टीम के रमचंदीपुर में पहुंचने की जानकारी जिला प्रशासन को हुई ही नहीं। एडीएम प्रशासन एमएन उपाध्याय दोपहर तक टीम के आने को लेकर अनजान थे, जबकि डीएम योगेश्वर राम मिश्र ने देर शाम को भी टीम के आने पर अनभिज्ञता जताई। डीएम ने ही खनन निदेशक को पूरे मामले की जांच कराने के लिए पत्र लिखा था। डीएम ने कहा कि वैसे यह जरूरी नहीं है कि जांच टीम अपने आने की सूचना जिला प्रशासन को दे।
बहरहाल, टीम के रमचंदीपुर पहुंचने पर एडीएम ने जिला खनन अधिकारी अनिल सिंह को फोन किया, तब उन्हें इसकी जानकारी हुई। दूसरी ओर से सिंह जांच टीम के साथ न केवल मौकेे पर पहुंचे, बल्कि जांच करने वाली टीम के साथ आखिर तक बने रहे। यही नहीं, जांच के दौरान खनन अधिकारी अपने विभाग की खामियों पर परदा डालने के साथ-साथ टीम को यह भी बताने की कोशिश करते रहे कि यहां कुछ भी गलत नहीं हुआ है। टीम ने उनसे खनन से संबंधित दस्तावेज ले लिए हैं।
अब तक इस मामले में केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय और खनिज निदेशालय की जांच हो चुकी है। मंत्रालय की तीन सदस्यीय टीम को अपनी रिपोर्ट 16 जनवरी को हाईकोर्ट को सौंपनी है। निदेशालय की ओर से गठित कमेटी की जांच रिपोर्ट भी कुछ दिन में खनिज निदेशालय को मिल जाएगी। माना जा रहा है कि इसके बाद इस मामले में कोई फैसला हो पाएगा।
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बहरहाल, टीम के रमचंदीपुर पहुंचने पर एडीएम ने जिला खनन अधिकारी अनिल सिंह को फोन किया, तब उन्हें इसकी जानकारी हुई। दूसरी ओर से सिंह जांच टीम के साथ न केवल मौकेे पर पहुंचे, बल्कि जांच करने वाली टीम के साथ आखिर तक बने रहे। यही नहीं, जांच के दौरान खनन अधिकारी अपने विभाग की खामियों पर परदा डालने के साथ-साथ टीम को यह भी बताने की कोशिश करते रहे कि यहां कुछ भी गलत नहीं हुआ है। टीम ने उनसे खनन से संबंधित दस्तावेज ले लिए हैं।
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अब तक इस मामले में केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय और खनिज निदेशालय की जांच हो चुकी है। मंत्रालय की तीन सदस्यीय टीम को अपनी रिपोर्ट 16 जनवरी को हाईकोर्ट को सौंपनी है। निदेशालय की ओर से गठित कमेटी की जांच रिपोर्ट भी कुछ दिन में खनिज निदेशालय को मिल जाएगी। माना जा रहा है कि इसके बाद इस मामले में कोई फैसला हो पाएगा।
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