फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   व्यास काशी में मोरारी बापू ने बहाई ज्ञान-भक्ति, वैराग्य की गंगा

व्यास काशी में मोरारी बापू ने बहाई ज्ञान-भक्ति, वैराग्य की गंगा

Sun, 22 Oct 2017 02:06 AM IST
Updated Sun, 22 Oct 2017 02:06 AM IST
विज्ञापन
व्यास काशी में मोरारी बापू ने बहाई ज्ञान-भक्ति, वैराग्य की गंगा
वाराणसी। रामकथा मर्मज्ञ संत मोरारी बापू ने शनिवार को गंगा पार व्यास काशी में ज्ञान-भक्ति-वैराग्य की अविरल धारा प्रवाहित की। ‘मसान के मानस’ से परिचित कराया। इसके पीछे के गूढ़ तत्वों की विशद व्याख्या की। उनका कहना था कि मानस स्वयं में एक मसान है। उन्होंने मसान के सार को निरूपित करते हुए कहा कि जीवन से प्रलोभन और मृत्यु का भय निकल जाए तो मुक्ति मुट्ठी में आ जाती है। प्रसन्नता का खजाना यूं ही हाथ लग जाता है। मसान ज्ञान की भूमि है। या तो वहां विश्राम मिलेगा या फिर हमेशा के लिए जागृति मिल जाएगी। इसी के साथ पतित पावनी के तट पर नौ दिवसीय रामकथा की गंगा बह निकली।
विज्ञापन

सतुआ बाबा के गोशाला परिसर के 15 बीघा क्षेत्रफल में एसी कॉटेज और मणिकर्णिका महाश्मशान की अनुकृति वाले विशाल पंडाल में मोरारी बापू की रामकथा सुनने अपार जन सैलाब उमड़ पड़ा। दोपहर बाद अस्सी घाट पर पास गंगा के आगे शीश नवाकर बापू नाव से कथास्थल पर पहुंचे। वहां पोथी शोभायात्रा निकाली गई। इसके बाद हर-हर महादेव के गगनभेदी जयकारे के साथ बापू व्यासपीठ पर आसीन हुए। मानस की स्वरमयी पंक्तियों के साथ लय-ताल के समन्वय पर कथा प्रेमी झूमने लगे।
विज्ञापन

बापू ने बाबा विश्वनाथ की नगरी में मानस मसान की व्याख्या को गति दी। बताया कि गोस्वामी तुलसी दास ने रामचरित मानस में सिर्फ तीन बार मसान शब्द का उल्लेख किया है। बाल कांड से लंका कांड तक मृत्यु के प्रसंग कहीं न कहीं आए हैं लेकिन उत्तर कांड में मृत्यु के भय का संदेश नहीं मिलता। इसे अमरत्व का कांड कहा जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बापू ने बताया कि बुद्धों की दृष्टि में किसी भी महत्वपूर्ण विषय की तीन प्रकार से ही व्याख्या पाई गई है। इसी तरह तुलसीदास ने मानस में मसान की व्याख्या तीन बार में भौतिक, दैविक और आध्यात्मिक स्वरूप में की है। मसान पर मनुष्य सदा के लिए सो जाता है या फिर सदा के लिए जागने की उसे शक्ति मिल जाती है। मसान का सही अर्थ मिल जाने पर सदा के लिए इंसान जाग सकता है। इस मौके पर महामंडलेश्वर संतोष दास सतुआ बाबा, पद्मभूषण पं. छन्नूलाल मिश्र, कथा यजमान मिराज ग्रुप के एमडी मदन पालीवाल, समाजसेवी किशन कुमार जालान समेत तमाम लोग उपस्थित थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed