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रिंग रोड फेज-2 का काम इसी सप्ताह से शुरू होगा
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वाराणसी। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी आउटर रिंग रोड फेज-2 के निर्माण का रास्ता साफ करने के लिए प्रशासन ने टीमें गठित कर आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया तेज कर दी है। जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी करने के लिए किसानों की सहमति लेने की कोशिश की जा रही है। उधर, गांव कोईराजपुर में ग्रामीणों के विरोध और उनकी आपत्तियों के निस्तारण की जिम्मेदारी अपर जिलाधिकारी प्रशासन को सौंपी गई है। योजना के अनुसार 90 फीसदी जमीन अधिग्रहण के लक्ष्य को इस सप्ताह पूरा कर राजातालाब से हरहुआ रिंग रोड फेज-2 का काम शुरू करा दिया जाएगा।
केंद्र सरकार ने जनवरी 2018 में रिंग रोड परियोजना फेज-2 को मंजूरी दी थी। मार्च 2018 में राष्ट्रपति रामानाथ कोविंद ने इसका शिलान्यास किया था। 1355 करोड़ रुपये से दो पैकेज में वाराणसी और चंदौली मिलाकर रिंग रोड का कुल 45 किमी तक विस्तार होना है। पहले पैकेज में राजातालाब से हरहुआ तक 17 किमी और दूसरे पैकेज में संदहा से गंजबसनी (चंदौली) तक 28 किमी रोड बनाई जाती है। रिंग रोड दोनों जिलों के 53 गांवों से गुजरनी है। जमीन अधिग्रहण के लिए नोटिफिकेशन होने के सालभर बाद भी जिला प्रशासन किसानों से सहमति नहीं बना पाया। अब एडीएम और एसडीएम स्तर के अधिकारियों की टीम गठित कर अलग-अलग गांवों में किसानों की आपत्तियों और विरोध के समाधान के प्रयास कराए जा रहे हैं। प्रशासन का दावा है कि रिंग रोड के पहले पैकेज राजातालाब से हरहुआ तक के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया अंतिम दौर में हैं। इसी सप्ताह जमीन का कब्जा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को दिला दिया जाएगा।
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केंद्र सरकार ने जनवरी 2018 में रिंग रोड परियोजना फेज-2 को मंजूरी दी थी। मार्च 2018 में राष्ट्रपति रामानाथ कोविंद ने इसका शिलान्यास किया था। 1355 करोड़ रुपये से दो पैकेज में वाराणसी और चंदौली मिलाकर रिंग रोड का कुल 45 किमी तक विस्तार होना है। पहले पैकेज में राजातालाब से हरहुआ तक 17 किमी और दूसरे पैकेज में संदहा से गंजबसनी (चंदौली) तक 28 किमी रोड बनाई जाती है। रिंग रोड दोनों जिलों के 53 गांवों से गुजरनी है। जमीन अधिग्रहण के लिए नोटिफिकेशन होने के सालभर बाद भी जिला प्रशासन किसानों से सहमति नहीं बना पाया। अब एडीएम और एसडीएम स्तर के अधिकारियों की टीम गठित कर अलग-अलग गांवों में किसानों की आपत्तियों और विरोध के समाधान के प्रयास कराए जा रहे हैं। प्रशासन का दावा है कि रिंग रोड के पहले पैकेज राजातालाब से हरहुआ तक के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया अंतिम दौर में हैं। इसी सप्ताह जमीन का कब्जा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को दिला दिया जाएगा।
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