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पेपर आउट मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित
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वाराणसी। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएसएसी) द्वारा आयोजित एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा के पेपर आउट होने की जांच के लिए पुलिस की स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) गठित की गई है। शुक्रवार को एसटीएफ के आईजी अमिताभ यश शहर पहुंचे और एसटीएफ के अधिकारियों व एसएसपी के साथ बैठक कर अब तक हुई कार्रवाई की प्रगति जानी। उन्होंने कहा कि पेपर आउट करने वाले गिरोह से संबंधित प्रत्येक व्यक्ति की तस्दीक कर उसे जल्द गिरफ्तार किया जाए।
2018 में आयोजित एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा से एक दिन पहले हिंदी और सामाजिक विज्ञान विषय का पेपर आउट हो गया था। एसटीएफ नेे बीती 28 मई को कोलकाता निवासी प्रिंटिंग प्रेस मालिक कौशिक कुमार को चोलापुर क्षेत्र से गिरफ्तार कर जेल भेजा था। कौशिक को ही एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा के पेपर छापने का आर्डर मिला था, जिसे उसने पांच लाख रुपये प्रति अभ्यर्थी की दर से साल्वर गैंग को बेच दिया था। कौशिक के अनुसार, इसके लिए उसने 26 मई को यूपीपीएससी की परीक्षा नियंत्रक अंजू कटियार को 10 लाख रुपये दिए थे और पेपर छपाई में मिलने वाली धनराशि में पांच प्रतिशत कमीशन देता था। कौशिक के मोबाइल के व्हाट्सऐप मेसेज, कॉल डिटेल और उसके बयान के आधार पर पेपर आउट कराने में मिलीभगत के आरोप में 30 मई को प्रयागराज से यूपीपीएससी की परीक्षा नियंत्रक को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि प्रकरण की जांच के लिए एसपी क्राइम ज्ञानेंद्र के नेतृत्व में एसपी ग्रामीण एमपी सिंह, सीओ पिंडरा अनिल राय, सीओ सदर सत्येंद्र तिवारी, क्राइम ब्रांच प्रभारी विक्रम सिंह, सर्विलांस प्रभारी राजीव रंजन उपाध्याय और एसओ चोलापुर की एसआईटी गठित की गई है। एसपी क्राइम रोजाना की तफ्तीश और कार्रवाई की प्रगति की जानकारी देंगे। साथ ही मामले में नामजद अन्य आरोपियों की तलाश के लिए क्राइम ब्रांच और पुलिस की तीन संयुक्त टीम गठित की गई है।
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2018 में आयोजित एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा से एक दिन पहले हिंदी और सामाजिक विज्ञान विषय का पेपर आउट हो गया था। एसटीएफ नेे बीती 28 मई को कोलकाता निवासी प्रिंटिंग प्रेस मालिक कौशिक कुमार को चोलापुर क्षेत्र से गिरफ्तार कर जेल भेजा था। कौशिक को ही एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा के पेपर छापने का आर्डर मिला था, जिसे उसने पांच लाख रुपये प्रति अभ्यर्थी की दर से साल्वर गैंग को बेच दिया था। कौशिक के अनुसार, इसके लिए उसने 26 मई को यूपीपीएससी की परीक्षा नियंत्रक अंजू कटियार को 10 लाख रुपये दिए थे और पेपर छपाई में मिलने वाली धनराशि में पांच प्रतिशत कमीशन देता था। कौशिक के मोबाइल के व्हाट्सऐप मेसेज, कॉल डिटेल और उसके बयान के आधार पर पेपर आउट कराने में मिलीभगत के आरोप में 30 मई को प्रयागराज से यूपीपीएससी की परीक्षा नियंत्रक को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
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एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि प्रकरण की जांच के लिए एसपी क्राइम ज्ञानेंद्र के नेतृत्व में एसपी ग्रामीण एमपी सिंह, सीओ पिंडरा अनिल राय, सीओ सदर सत्येंद्र तिवारी, क्राइम ब्रांच प्रभारी विक्रम सिंह, सर्विलांस प्रभारी राजीव रंजन उपाध्याय और एसओ चोलापुर की एसआईटी गठित की गई है। एसपी क्राइम रोजाना की तफ्तीश और कार्रवाई की प्रगति की जानकारी देंगे। साथ ही मामले में नामजद अन्य आरोपियों की तलाश के लिए क्राइम ब्रांच और पुलिस की तीन संयुक्त टीम गठित की गई है।
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