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प्रशिक्षु दरोगा ने की खुदकुशी
Updated Thu, 13 Sep 2018 02:16 AM IST
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वाराणसी। प्रदेश का पुलिस महकमा युवा आईपीएस सुरेंद्र दास की आत्महत्या के दुख से अभी उबरा नहीं था कि बुधवार को सारनाथ थाना अंतर्गत सुरतापुर गांव निवासी प्रशिक्षु दरोगा शिव कुमार प्रजापति (31) ने फांसी लगाकर जान दे दी। परिजनों की सूचना पर पहुंची सारनाथ पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। मौके से पुलिस ने सुसाइड नोट बरामद किया है। सुसाइड नोट में शिव ने लिखा है कि मैं एक मानसिक बीमारी से परेशान हूं। मैं जिंदा रहकर आप सबको परेशान करता रहता। मेरे प्यारे घर वालों मुझे माफ करना, आप सभी को मेरा प्यार...। मेरे इस कदम में किसी का दोष नहीं है। डाली (पत्नी) माफ करना... मैं तुम्हारा साथ नहीं दे पाया।
गोरखपुर जिले के शाहपुर थाने पर तैनात शिव कुमार 2015 बैच के दरोगा थे। एक वर्ष पूर्व शिव का विवाह डाली से हुआ था। शिव 15 दिन का अर्जित अवकाश लेकर इसी महीने के पहले हफ्ते में घर आए थे। बुधवार को शाम के समय शिव के पिता रामसेवक ने उनके कमरे का दरवाजा खटखटाया तो नहीं खुला। परिजनों को शंका हुई तो दरवाजा तोड़ा गया। परिजन अंदर घुसे तो पंखे के सहारे फंदे से शिव लटके हुए थे। शिव का शव फंदे से नीचे उतार कर सूचना सारनाथ पुलिस को दी गई। परिजनों के अनुसार शिव तीन भाइयों में सबसे बड़े थे। शिव के आत्मघाती कदम से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। वहीं, पड़ोसियों ने बताया कि शिव ड्यूटी को लेकर तनाव में रहते थे और नौकरी छोड़ने की बात कहते थे। वहीं, परिजन उनको समझाते रहते थे कि नौकरी मत छोड़ना।
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गोरखपुर जिले के शाहपुर थाने पर तैनात शिव कुमार 2015 बैच के दरोगा थे। एक वर्ष पूर्व शिव का विवाह डाली से हुआ था। शिव 15 दिन का अर्जित अवकाश लेकर इसी महीने के पहले हफ्ते में घर आए थे। बुधवार को शाम के समय शिव के पिता रामसेवक ने उनके कमरे का दरवाजा खटखटाया तो नहीं खुला। परिजनों को शंका हुई तो दरवाजा तोड़ा गया। परिजन अंदर घुसे तो पंखे के सहारे फंदे से शिव लटके हुए थे। शिव का शव फंदे से नीचे उतार कर सूचना सारनाथ पुलिस को दी गई। परिजनों के अनुसार शिव तीन भाइयों में सबसे बड़े थे। शिव के आत्मघाती कदम से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। वहीं, पड़ोसियों ने बताया कि शिव ड्यूटी को लेकर तनाव में रहते थे और नौकरी छोड़ने की बात कहते थे। वहीं, परिजन उनको समझाते रहते थे कि नौकरी मत छोड़ना।
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