फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   दोपहर में रैगिंग-मारपीट, शाम को पत्थरबाजी से बिगड़ा माहौल

दोपहर में रैगिंग-मारपीट, शाम को पत्थरबाजी से बिगड़ा माहौल

Sat, 09 Sep 2017 02:07 AM IST
Updated Sat, 09 Sep 2017 02:07 AM IST
विज्ञापन
दोपहर में रैगिंग-मारपीट, शाम को पत्थरबाजी से बिगड़ा माहौल
वाराणसी। बीएचयू में शुक्रवार दोपहर से लेकर देर रात तक चले बवाल के पीछे छात्रा के साथ रैगिंग मूल वजह रही। कला संकाय में दोपहर के वक्त रैगिंग से परेशान छात्रा ने अपने भाई को फोन पर इसकी सूचना दी थी। बीएचयू में ही थर्ड ईयर में पढ़ने वाले छात्रा के भाई ने अपने कुछ साथियों के साथ कला संकाय में पहुंचकर रैगिंग करने वालों की पिटाई कर दी। इसके बाद माहौल बिगड़ा तो देर रात तक परिसर गरम रहा। सुबह तो सिर्फ मारपीट हुई लेकिन विरोध की आग इस तरह सुलग रही थी कि शाम तक परिसर में घमासान मचा रहा। बताया जा रहा है कि कला संकाय में फार्म भरवाने गए सेकेंड ईयर के छात्र एक राजनीतिक पार्टी के आनुषांगिक छात्र संगठन के सदस्य थे। उन्होंने ही छात्रा के साथ रैगिंग की।
विज्ञापन

कला संकाय में जिस समय कक्षाएं चल रही थीं उसी समय बीए प्रथम वर्ष की एक छात्रा और वहां मौजूद कुछ छात्रों के पास द्वितीय वर्ष के छात्र पहुंचे और एक फॉर्म भरवाने लगे। इस बीच छात्रा ने अपना नाम, क्लास भरा और उसमें मोबाइल नंबर नहीं भरा। इस पर द्वितीय वर्ष के छात्रों ने आपत्ति जताई और उस पर मोबाइल नंबर भरने का दबाव बनाने लगे। छात्रा के साथ खड़े छात्रों ने इसका विरोध किया तो वे अपने को सीनियर छात्र बताते हुए धमकाने लगे। इसकी जानकारी छात्रा ने बिरला हॉस्टल में रहने वाले अपने भाई को दी, जिस पर थोड़ी देर में पहुंचे छात्रों ने एलबीएस हॉस्टल में रहने वाले द्वितीय वर्ष के एक छात्र को पकड़कर जमकर पीट दिया। सूचना मिलते ही चीफ प्राक्टर और लंका पुलिस पहुंची लेकिन बवाल बढ़ता देख कई थानों की फोस, सीओ पहुंचे। कई बार छात्रों को समझाने का प्रयास किया लेकिन वह मानने को तैयार नहीं थे।
विज्ञापन

प्राक्टोरियल बोर्ड के समझाने के बाद भी चले पेट्रोल बम
रात करीब आठ बजे एलबीएस हॉस्टल की छत पर चढ़कर छात्र बिरला की तरफ पेट्रोल बम फेंकने लगे और आग लगाकर दिखाने लगे। बाहर खड़ी पुलिस और चीफ प्राक्टर, प्राक्टोरियल बोर्ड के प्रो. जेपी राय समेत अन्य सदस्य समझाते रहे लेकिन वे मानने को तैयार नहीं थे। इसी बीच फिर नीचे आकर यहां भी पेट्रोल छिड़ककर आग लगाकर दहशत पैदा करने का प्रयास किया। इससे पहले पत्थरबाजी बंद हो गई थी। लेकिन फिर दोनाें हॉस्टल के छात्र अपने-अपने गेट पर निकल आए और पथराव शुरू कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

छह नामजद और 18 पर मारपीट का मुकदमा
हॉस्टल में घटी घटना के मामले में छह नामजद छात्रों और 18 अज्ञात के खिलाफ लंका पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। एसओ लंका ने बताया कि एलबीएस हॉस्टल के छात्र समीर सिंह ने तहरीर देकर मारपीट की शिकायत की है। मामले में समीर की तहरीर पर गौरव, सुजीत, नचिकेता समेत छह नामजद और 18 अज्ञात मारपीट का मुकदमा दर्ज कराया है। मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई चल रही है।
परिसर की सुरक्षा पर उठ रहे सवाल
बीएचयू परिसर में आए दिन जिस तरह से घटनाएं हो रही है, उससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा होने लगे है। शुक्रवार को जिस तरह से दोपहर में घटना होने लगी थी, उसके बाद यदि सुरक्षा से जुड़े लोग मामले को गंभीरता से लेते तो शायद शाम को इतनी बड़ी वारदात नहीं होती। आरोप है कि तृतीय वर्ष के छात्र प्रथम वर्ष के छात्र को हॉस्टल में उठाकर लाए और पिटाई कर दी लेकिन इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था में लगे कर्मचारियों ने उन्हें रोकने तक की जहमत नहीं उठाई। जब छात्र गुट आमने-सामने आ गए तब पूरी मुस्तैदी दिखी। वहां भी प्राक्टोरियल बोर्ड के कुछ ही सदस्य मौके पर दिखे। अभी अगस्त के अंतिम सप्ताह में दृश्य कला संकाय में भी चलती क्लास से एक छात्र को उठाकर हॉस्टल ले जाकर पिटाई की घटना हो चुकी है। उस समय भी किसी ने रोका तक नहीं था। संकाय के छात्रों ने इसकी लिखित शिकायत की थी।
बीएचयू में महीने भर में रैगिंग की हैट्रिक से दहशत
वाराणसी। बीएचयू कैंपस में पखवारे भर के भीतर रैगिंग की यह दूसरी और महीने की तीसरी वारदात है जिसने परिसर को सुलगा कर रख दिया। विश्वविद्यालय में रैगिंग हो रही है लेकिन कम मामले ही उजागर होते हैं। जो मामले सामने भी आए तो उसे विवि प्रशासन ने गंभीरता से नहीं लिया। अगर विश्वविद्यालय प्रशासन सजग होता तो ऐसे उपद्रवों को रोका जा सकता था। परिसर में रैगिंग की घटनाएं बढ़ने से एंटी रैगिंग सेल की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
रैगिंग की घटनाएं रोकने के लिए यूजीसी की ओर से समय-समय पर दिशा निर्देश जारी करने के बावजूद एंटी रैगिंग सेल बेमतलब साबित हो रहा है। शिकायत के लिए एक हेल्प लाइन नंबर भी यूजीसी की ओर से जारी किया गया है। इन सबके बाद भी इस तरह की घटना कम नहीं हो रही है। बीएचयू कैंपस में पखवारे भर के भीतर रैगिंग की यह दूसरी घटना है, जिसकी लिखित शिकायत पीड़ित छात्र या छात्रा की ओर से प्राक्टोरियल बोर्ड को की गई है। चीफ प्रॉक्टर प्रो. ओएन सिंह ने बताया कि 15 दिन पहले सोशल साइंस की एक छात्रा के साथ रैगिंग हुई थी। मामले में जांच के बाद कुलपति के निर्देश पर ऐसा करने वाले छात्र को गुरुवार को निलंबित कर दिया गया। इसके पहले हुई रैगिंग की एक अन्य घटना की जांच चल रही है। शुक्रवार को छात्रा के साथ हुए रैगिंग के मामले को एंटी रैगिंग सेल को भेज दिया गया है।
छात्रावासों में रह रहे बाहरी छात्र निकाले जाएंगे
बीएचयू के हॉस्टलों में कई बाहरी छात्र भी रह रहे हैं। आए दिन होने वाली मारपीट की घटनाओं में इसकी शिकायत भी की जाती है लेकिन एक-दो दिन सक्रियता दिखाने के बाद विवि प्रशासन ढीला पड़ जाता है। चीफ प्राक्टर प्रो. ओएन सिंह ने बताया कि छात्रों की शिकायत के बाद दस दिन पहले ही छात्रावासों के वार्डन से कहा जा चुका है कि वह खाली कमरों का आवंटन कर दें और बाहरी छात्रों को वहां से निकालें। बताया कि पुलिस की मौजूदगी में दो दिन के भीतर हॉस्टल से बाहरी छात्र हर कीमत पर निकाले जाएंगे।

छात्र गुटों की टकरार के बाद दहशत में आए मरीज
बीएचयू में दो छात्र गुटों में आपसी तनाव के बाद कई थानों की फोर्स बीएचयू में पहुंचने लगी। बीएचयू में बवाल की सूचना जंगल में आग की तरह फैलने लगी। सर सुंदर लाल अस्पताल में भी इसकी चर्चा शुरू हो गई। यहां आने वाले मरीज और तीमारदारों के चेहरों पर भी दहशत साफ झलक रही थी। लोग यह जानने को उत्सुक नजर आए कि बवाल शांत हुआ या नहीं। वहीं बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में इलाज कराने पहुंचे छात्र के साथ बड़ी संख्या में लोग वहां पहुंच गए। उसकी मरहम-पट्टी होने तक ट्रामा सेंटर का माहौल भी तनाव पूर्ण रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed