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विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक लाना लक्ष्य
Updated Thu, 20 Sep 2018 02:28 AM IST
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वाराणसी। मलेशिया में एशियन पेसिफिक मास्टर्स गेम्स में दो स्वर्ण व दो रजत पदक जीतने वाली भारतीय महिला टीम की कप्तान तथा ध्वजवाहक नीलू मिश्रा बुधवार को गृहनगर लौटीं। लालबहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर उनका जोरदार स्वागत किया गया। बातचीत के दौरान नीलू ने बताया कि अगला लक्ष्य 2019 में एशियन चैंपियनशिप में बेहतर प्रदर्शन करने के साथ ही 2020 के विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक भारत लाना है।
उन्होंनेे अपनी कामयाबी के पीछे बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद, कोच रामअवध यादव का कुशल मार्गदर्शन और परिवार के सहयोग को कारण बताया। उन्होंने यह भी कहा कि मुझे इस मुकाम तक पहुंचने में काशी की जनता और मीडिया का काफी सहयोग रहा है। उन्होंने मास्टर गेम्स फेडरेशन के प्रति भी आभार प्रगट किया।
बताया कि एशिया पेसिफिक गेम्स में 64 देशों ने हिस्सा लिया। मेरे लिए भारतीय टीम की कप्तानी और 310 सदस्यों के नेतृत्व की अनुभूति बिलकुल अलग थी। कहा कि पूर्वांचल में अभी खेल सुविधाओं की काफी कमी है। ऐसे में बेहतर प्रदर्शन करना बड़ी चुनौती थी। एयरपोर्ट पर सीआईएसएफ और एयरपोर्ट अथॉरिटी के सदस्यों और सामाजिक संस्था के सदस्यों ने नीलू मिश्रा का जोरदार स्वागत किया। इस दौरान स्वच्छता दूत साकिब भारत, शबनम, नीलू के कोच, भोजपुरी फिल्म अभिनेता संतोष यादव, अरविंद यादव आदि लोग मौजूद रहे।
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स्कूलों में एक घंटा खेल का अनिवार्य हो : नीलू
वाराणसी। स्कूलों-कालेजों में कम से कम एक घंटा खेल का अनिवार्य रूप से होना चाहिए। तभी हम खेलों में बड़ी शक्ति बन सकते हैं। एशिया पैसिफिक मास्टर्स गेम्स में दो स्वर्ण और दो रजत पदक जीतने वाली नीलू मिश्रा बुधवार को विद्या विहार कालोनी में पत्र प्रतिनिधियों से रूबरू थीं।
कहा कि सफलता तभी मिलती है जब आप उसे छोटे-छोटे लक्ष्यों में बांट कर आगे बढ़ते हैं। उन्होंने कहा कि सफलता का कोई शार्टकट नहीं है। अब-तक 57 राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पदक जीत चुकी हूं। उसे इस सत्र में 70 तक पहुंचना है। कोच रामअवध यादव ने कहा कि बनारस में सिंथेटिक ट्रैक का होना बहुत जरूरी है। आने वाले दिनों में यहां से कई और अच्छे एथलीट निकलेंगे।
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उन्होंनेे अपनी कामयाबी के पीछे बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद, कोच रामअवध यादव का कुशल मार्गदर्शन और परिवार के सहयोग को कारण बताया। उन्होंने यह भी कहा कि मुझे इस मुकाम तक पहुंचने में काशी की जनता और मीडिया का काफी सहयोग रहा है। उन्होंने मास्टर गेम्स फेडरेशन के प्रति भी आभार प्रगट किया।
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बताया कि एशिया पेसिफिक गेम्स में 64 देशों ने हिस्सा लिया। मेरे लिए भारतीय टीम की कप्तानी और 310 सदस्यों के नेतृत्व की अनुभूति बिलकुल अलग थी। कहा कि पूर्वांचल में अभी खेल सुविधाओं की काफी कमी है। ऐसे में बेहतर प्रदर्शन करना बड़ी चुनौती थी। एयरपोर्ट पर सीआईएसएफ और एयरपोर्ट अथॉरिटी के सदस्यों और सामाजिक संस्था के सदस्यों ने नीलू मिश्रा का जोरदार स्वागत किया। इस दौरान स्वच्छता दूत साकिब भारत, शबनम, नीलू के कोच, भोजपुरी फिल्म अभिनेता संतोष यादव, अरविंद यादव आदि लोग मौजूद रहे।
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स्कूलों में एक घंटा खेल का अनिवार्य हो : नीलू
वाराणसी। स्कूलों-कालेजों में कम से कम एक घंटा खेल का अनिवार्य रूप से होना चाहिए। तभी हम खेलों में बड़ी शक्ति बन सकते हैं। एशिया पैसिफिक मास्टर्स गेम्स में दो स्वर्ण और दो रजत पदक जीतने वाली नीलू मिश्रा बुधवार को विद्या विहार कालोनी में पत्र प्रतिनिधियों से रूबरू थीं।
कहा कि सफलता तभी मिलती है जब आप उसे छोटे-छोटे लक्ष्यों में बांट कर आगे बढ़ते हैं। उन्होंने कहा कि सफलता का कोई शार्टकट नहीं है। अब-तक 57 राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पदक जीत चुकी हूं। उसे इस सत्र में 70 तक पहुंचना है। कोच रामअवध यादव ने कहा कि बनारस में सिंथेटिक ट्रैक का होना बहुत जरूरी है। आने वाले दिनों में यहां से कई और अच्छे एथलीट निकलेंगे।