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लैपटॉप न मिलने से नाराज दसवीं के छात्र ने फांसी लगाकर जान दी
Updated Mon, 10 Sep 2018 01:48 AM IST
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रोहनिया। हरिहरपुर गांव निवासी कक्षा 10 के छात्र पीयूष विश्वकर्मा (16) ने शनिवार की रात अपने घर में फांसी लगाकर जान दे दी। सूचना पाकर पहुंची रोहनिया पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। बताया जाता है कि पीयूष लैपटॉप लेने के लिए मां से जिद कर रहा था। मां ने डाटा और पढ़ाई पर ध्यान देने को कहा तो नाराज होकर पीयूष ने यह आत्मघाती कदम उठाया। इकलौते बेटे की मौत से मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल था।
मिर्जापुर के कछवा क्षेत्र के दुनायी का मूल निवासी वेद प्रकाश विश्वकर्मा हरिहरपुर गांव में बीते तीन साल से किराये के मकान में रहता है और मैकेनिक का काम करता है। शनिवार की रात पीयूष अपनी मां पुष्पा देवी से लैपटॉप लेने की जिद कर रहा था। मां ने डाटा और पढ़ने को कहा तो पीयूष और उसकी दोनों बहने अपने कमरे में चले गए। थोड़ी देर बाद वेद प्रकाश घर आया और पीयूष के बारे में पूछा तो पत्नी पुष्पा ने बताया कि कमरे में पढ़ाई कर रहा है। वेद प्रकाश ने आवाज दी तो पीयूष के कमरे का दरवाजा नहीं खुला। खिड़की से देखा तो पीयूष पंखे के सहारे गमछे के फंदे से लटका हुआ था। सूचना मिलते ही रोहनिया पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। पुष्पा देवी और उसकी दोनों बेटियों का बिलखना देख ढांढस बंधाने आई गांव की महिलाओं की हिम्मत भी जवाब दे जा रही थी।
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मिर्जापुर के कछवा क्षेत्र के दुनायी का मूल निवासी वेद प्रकाश विश्वकर्मा हरिहरपुर गांव में बीते तीन साल से किराये के मकान में रहता है और मैकेनिक का काम करता है। शनिवार की रात पीयूष अपनी मां पुष्पा देवी से लैपटॉप लेने की जिद कर रहा था। मां ने डाटा और पढ़ने को कहा तो पीयूष और उसकी दोनों बहने अपने कमरे में चले गए। थोड़ी देर बाद वेद प्रकाश घर आया और पीयूष के बारे में पूछा तो पत्नी पुष्पा ने बताया कि कमरे में पढ़ाई कर रहा है। वेद प्रकाश ने आवाज दी तो पीयूष के कमरे का दरवाजा नहीं खुला। खिड़की से देखा तो पीयूष पंखे के सहारे गमछे के फंदे से लटका हुआ था। सूचना मिलते ही रोहनिया पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। पुष्पा देवी और उसकी दोनों बेटियों का बिलखना देख ढांढस बंधाने आई गांव की महिलाओं की हिम्मत भी जवाब दे जा रही थी।
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