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पीएम आवास योजना में मिली गड़बड़ी
Updated Thu, 02 Aug 2018 02:44 AM IST
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वाराणसी। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी में वाराणसी जिले में 200 से ज्यादा मामले संदेह के दायरे में हैं। हाल ही में हुए सत्यापन में अपात्रों को योजना का लाभ देने के मामले सामने आए हैं। फर्जीवाड़ा पकड़ने के लिए दोबारा सर्वे कराया जाएगा। जीओ टैगिंग में पकड़े गए इस फर्जीवाड़ा के बाद रोजगार सेवकों की टीम को पुन: सत्यापन में लगाया गया है।
प्रधानमंत्री आवास योजना में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा पकड़ा गया है। इसमें जीओ टैगिंग के दौरान किए गए सत्यापन में ऐसे परिवारों सामने आए हैं, जिन्होंने अभी तक निर्माण कार्य नहीं शुरू किया है। इसमें कई पात्र ऐसे हैं जिनका पता गलत है या इनका टेलीफोन से संपर्क नहीं हो सका। प्रशासन ने इन सभी को संदेह की श्रेणी में शामिल कर दोबारा सत्यापन शुरू कराया है। प्राथमिक जांच में कई लाभार्थी ऐसे पाए गए हैं जिनके पास पहले से मकान हैं। गलत तथ्यों के आधार पर उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ लिया है। निजी संस्था की ओर से कराए गए सर्वे के आधार पर यह आवंटन किया गया था। अब तक आई रोजगार सेवकों की रिपोर्ट के मुताबिक 834 लाभार्थियों में 263 का जीओ टैगिंग किया गया है। इसके अलावा 119 पात्रों का काम शुरू नहीं हुआ है। 254 पात्रों का नंबर सही नहीं होने के कारण उनका फोन नहीं लगा। 41 लोगों का पता गलत पाया गया। इसी आधार पर जिलाधिकारी ने पीएम आवास योजना शहरी में पात्रों के दोबारा सत्यापन का आदेश दिया है। जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि प्राथमिक जांच में मिली गड़बड़ियों को संदेह के दायरे में रखा गया है। दोबारा सत्यापन कराया जा रहा है, ताकि अपात्रों को चिह्नित किया जा सके।
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प्रधानमंत्री आवास योजना में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा पकड़ा गया है। इसमें जीओ टैगिंग के दौरान किए गए सत्यापन में ऐसे परिवारों सामने आए हैं, जिन्होंने अभी तक निर्माण कार्य नहीं शुरू किया है। इसमें कई पात्र ऐसे हैं जिनका पता गलत है या इनका टेलीफोन से संपर्क नहीं हो सका। प्रशासन ने इन सभी को संदेह की श्रेणी में शामिल कर दोबारा सत्यापन शुरू कराया है। प्राथमिक जांच में कई लाभार्थी ऐसे पाए गए हैं जिनके पास पहले से मकान हैं। गलत तथ्यों के आधार पर उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ लिया है। निजी संस्था की ओर से कराए गए सर्वे के आधार पर यह आवंटन किया गया था। अब तक आई रोजगार सेवकों की रिपोर्ट के मुताबिक 834 लाभार्थियों में 263 का जीओ टैगिंग किया गया है। इसके अलावा 119 पात्रों का काम शुरू नहीं हुआ है। 254 पात्रों का नंबर सही नहीं होने के कारण उनका फोन नहीं लगा। 41 लोगों का पता गलत पाया गया। इसी आधार पर जिलाधिकारी ने पीएम आवास योजना शहरी में पात्रों के दोबारा सत्यापन का आदेश दिया है। जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि प्राथमिक जांच में मिली गड़बड़ियों को संदेह के दायरे में रखा गया है। दोबारा सत्यापन कराया जा रहा है, ताकि अपात्रों को चिह्नित किया जा सके।
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