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देश में ही बेटी की पढ़ाई के लिए डीएम से गुहार
Updated Thu, 28 Jun 2018 02:44 AM IST
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जिस फ्लाईओवर हादसे में मेरी हंसती-खेलती दुनिया लुट गई, वह प्रशासनिक लापरवाही के चलते हुआ है। इसलिए सरकार का फर्ज बनता है कि वह हमारी सभी समस्याओं को हल करे। यह मांग एनटीएसई (नेशनल टैलेंट सर्च एग्जाम) के प्रदेश टॅापर रहे इंजीनियरिंग की तैयारी कर रहे बेटे और बैंक मैनेजर पति को गंवाने वाली कुमकुम सिंह उठा रही हैं। बुधवार को वह अपनी बेटी के साथ डीएम सुरेंद्र कुमार सिंह से मिलीं।
15 मई को कैंट स्टेशन के सामने निर्माणाधीन फ्लाईओवर की दो बीम गिरने से 15 लोगों की जान चली गई थी। प्रत्येक जांच में साबित हो गया कि हादसा लापरवाही के चलते हुआ। बेटे कुमार वैभव और पति राम बहादुर सिंह को गंवाने वाली कुमकुम की एक बेटी पल्लवी ही बची है। पल्लवी इंटरनेशनल स्कूल ऑफ मेडिसिन, किर्गिस्तान से एमबीबीएस कर रही है। बेटी की फीस भरने की चिंता में वह बीमार हो गई हैं। वहीं, मां को अकेली छोड़कर पल्लवी वापस नहीं जाना चाहती है।
देश में ही बेटी की पढ़ाई की व्यवस्था करने और फीस भरने की मांग के साथ उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर मुख्यमंत्री तक से मांग उठाई। मगर कोई सुनवाई नहीं हुई। सीएम ऑफिस में फोन किया तो कहा गया कि अपनी मांग का एक प्रार्थना पत्र अपने जिलाधिकारी को सौंपेें।
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15 मई को कैंट स्टेशन के सामने निर्माणाधीन फ्लाईओवर की दो बीम गिरने से 15 लोगों की जान चली गई थी। प्रत्येक जांच में साबित हो गया कि हादसा लापरवाही के चलते हुआ। बेटे कुमार वैभव और पति राम बहादुर सिंह को गंवाने वाली कुमकुम की एक बेटी पल्लवी ही बची है। पल्लवी इंटरनेशनल स्कूल ऑफ मेडिसिन, किर्गिस्तान से एमबीबीएस कर रही है। बेटी की फीस भरने की चिंता में वह बीमार हो गई हैं। वहीं, मां को अकेली छोड़कर पल्लवी वापस नहीं जाना चाहती है।
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देश में ही बेटी की पढ़ाई की व्यवस्था करने और फीस भरने की मांग के साथ उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर मुख्यमंत्री तक से मांग उठाई। मगर कोई सुनवाई नहीं हुई। सीएम ऑफिस में फोन किया तो कहा गया कि अपनी मांग का एक प्रार्थना पत्र अपने जिलाधिकारी को सौंपेें।
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