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नहीं मिल रहा अंगूठे का निशान, मायूस लौट रहे पात्र
Updated Tue, 12 Dec 2017 02:18 AM IST
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वाराणसी। निकाय चुनाव खत्म होने के साथ खाद्य आपूर्ति व्यवस्था लड़खड़ा गई है। बायोमैट्रिक सुविधा होने के बाद भी कई वैध लोगों का थंब इंप्रेशन मशीन नहीं ले रही है। आनलाइन मॉनीटरिंग केचलते अनाज होने के बाद भी कोटेदार लोगों को खाद्यान्न नहीं दे रहे हैं। यह समस्या डाटा को दिल्ली के मेन सर्वर पर डालने के चलते हुई। पात्र होने के बाद भी मिसमैच की समस्या है।
जिले में 5 लाख 18 हजार राशन कार्ड धारक हैं। इनमें से 2 लाख 13 हजार शहर और 3 लाख 05 हजार ग्रामीण क्षेत्रों में हैं। शहरी क्षेत्र में अनाज का वितरण बायोमैट्रिक के जरिए किया जा रहा है। सुदामापुर की प्रभावती ने बताया कि नवंबर में अंगूठा निशान लगाकर अनाज लिया था। इस बार जब अनाज लेने गई तो निशान नहीं लिया। कोटेदार ने कहा कि बाद में आकर ले लीजिएगा। बड़ी गैबी के ऋषि चौरसिया ने कहा कि परिवार के किसी सदस्य का अंगूठा निशान नहीं ले रहा है। इस बारे में कोटेदार के अलावा अधिकारियों के यहां भी शिकायत की है। इस बारे में चेतगंज के कोटेदार पीके सिंह ने कहा कि सर्वर जब तक अंगूठा का निशान रीड नहीं करेगा तब तक अनाज हम नहीं दे सकते हैं। अब स्टाक का प्रतिदिन विवरण देना पड़ता है। ऐसी स्थिति में बगैर निशान को मैच कराए अनाज देने में लाइसेंस निरस्त होने का खतरा है।
डीके वार्ष्णेय, जिलापूर्ति अधिकारी ने बताया कि इस समय जिले का पूरा डाटा दिल्ली के मेन सर्वर पर डाला गया है। इसके चलते थोड़ी दिक्कत आ रही है। इसके बारे में मुख्यालय को सूचना दी गई है। जल्द ही इस समस्या का समाधान हो जाएगा।
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जिले में 5 लाख 18 हजार राशन कार्ड धारक हैं। इनमें से 2 लाख 13 हजार शहर और 3 लाख 05 हजार ग्रामीण क्षेत्रों में हैं। शहरी क्षेत्र में अनाज का वितरण बायोमैट्रिक के जरिए किया जा रहा है। सुदामापुर की प्रभावती ने बताया कि नवंबर में अंगूठा निशान लगाकर अनाज लिया था। इस बार जब अनाज लेने गई तो निशान नहीं लिया। कोटेदार ने कहा कि बाद में आकर ले लीजिएगा। बड़ी गैबी के ऋषि चौरसिया ने कहा कि परिवार के किसी सदस्य का अंगूठा निशान नहीं ले रहा है। इस बारे में कोटेदार के अलावा अधिकारियों के यहां भी शिकायत की है। इस बारे में चेतगंज के कोटेदार पीके सिंह ने कहा कि सर्वर जब तक अंगूठा का निशान रीड नहीं करेगा तब तक अनाज हम नहीं दे सकते हैं। अब स्टाक का प्रतिदिन विवरण देना पड़ता है। ऐसी स्थिति में बगैर निशान को मैच कराए अनाज देने में लाइसेंस निरस्त होने का खतरा है।
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डीके वार्ष्णेय, जिलापूर्ति अधिकारी ने बताया कि इस समय जिले का पूरा डाटा दिल्ली के मेन सर्वर पर डाला गया है। इसके चलते थोड़ी दिक्कत आ रही है। इसके बारे में मुख्यालय को सूचना दी गई है। जल्द ही इस समस्या का समाधान हो जाएगा।
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