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जोनल अधिकारी समेत नौ कर्मचारी सस्पेंड
Updated Sun, 20 Aug 2017 01:51 AM IST
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वाराणसी। नगर विकास मंत्री एवं जनपद के प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना ने शनिवार को वाराणसी के अपने चौथे दौरे में कड़े तेवर दिखाए। पिछले तीन दौरों में बार-बार हिदायत देने के बावजूद व्यवस्था में सुधार नहीं होने पर नगर निगम के एक जोनल अधिकारी समेत नौ कर्मचारियों को निलंबित कर दिया। साथ ही, जलकल के महाप्रबंधक वीके सिंह के खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रमुख सचिव (नगर विकास) को निर्देश दिया। कमिश्नरी अनुश्रवण कक्ष में साढ़े पांच घंटे तक चली समीक्षा बैठक में मंत्री का फोकस पेयजल, सफाई सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं पर था। स्पष्ट कहा कि अब परिणाम चाहिए, आश्वासन नहीं।
दोपहर दो बजे बैठक शुरू होते ही नगर विकास मंत्री ने पूछा कि जलकल जीएम कहां हैं। बताया गया कि प्रशिक्षण पर कहीं गए हैं। मंत्री ने कहा कि पेयजल पाइप लाइन के पास से सीवर की पाइप लाइनें हटाने के निर्देश उन्होंने दिए थे लेकिन अब तक इस पर कोई काम नहीं हुआ। जल्द से जल्द यह काम कराया जाए। सड़कों की खुदाई के बाद काम कराने में देरी और उसके बाद सड़क मरम्मत में हीलाहवाली पर मंत्री ने जल निगम के अभियंताओं को जमकर फटकार लगाई। कहा, सांस्कृतिक राजधानी कहे जाने वाले इस शहर का जलनिगम ने दस वर्षों में कबाड़ा कर दिया। विधायक कैंट सौरभ श्रीवास्तव ने सीवर सफाई में ठेका प्रथा खत्म कर संविदा कर्मियों की नियुक्ति का सुझाव दिया। विधि, न्याय, सूचना, खेल एवं युवा कल्याण राज्य मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने चार अरब से अधिक की लागत से बिछाई गई पाइप लाइन के अब तक अनुपयोगी होने और निर्देश के बाद भी कार्यदायी एजेंसी मेघा कंपनी के विरुद्ध एफआईआर न होने पर कड़ी नाराजगी जताई। नगर विकास मंत्री ने नगर आयुक्त को निर्देश दिया कि मुकदमा दर्ज कराकर सरकारी धन की रिकवरी भी कराएं। स्वच्छता अभियान में लापरवाही पर जिन्हें निलंबित किया गया, उनमें जोनल अधिकारी भेलूपुर अतुल कुमार यादव, सफाई निरीक्षक राजेंद्र सिंह यादव, नृपेंद्र शंकर सिंह, सफाई सुपरवाइजर राजकुमार, संतोष कुमार के अलावा चार सफाईकर्मी लक्ष्मी, आजाद, ओंकार और वीरेंद्र शामिल हैं।
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दोपहर दो बजे बैठक शुरू होते ही नगर विकास मंत्री ने पूछा कि जलकल जीएम कहां हैं। बताया गया कि प्रशिक्षण पर कहीं गए हैं। मंत्री ने कहा कि पेयजल पाइप लाइन के पास से सीवर की पाइप लाइनें हटाने के निर्देश उन्होंने दिए थे लेकिन अब तक इस पर कोई काम नहीं हुआ। जल्द से जल्द यह काम कराया जाए। सड़कों की खुदाई के बाद काम कराने में देरी और उसके बाद सड़क मरम्मत में हीलाहवाली पर मंत्री ने जल निगम के अभियंताओं को जमकर फटकार लगाई। कहा, सांस्कृतिक राजधानी कहे जाने वाले इस शहर का जलनिगम ने दस वर्षों में कबाड़ा कर दिया। विधायक कैंट सौरभ श्रीवास्तव ने सीवर सफाई में ठेका प्रथा खत्म कर संविदा कर्मियों की नियुक्ति का सुझाव दिया। विधि, न्याय, सूचना, खेल एवं युवा कल्याण राज्य मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने चार अरब से अधिक की लागत से बिछाई गई पाइप लाइन के अब तक अनुपयोगी होने और निर्देश के बाद भी कार्यदायी एजेंसी मेघा कंपनी के विरुद्ध एफआईआर न होने पर कड़ी नाराजगी जताई। नगर विकास मंत्री ने नगर आयुक्त को निर्देश दिया कि मुकदमा दर्ज कराकर सरकारी धन की रिकवरी भी कराएं। स्वच्छता अभियान में लापरवाही पर जिन्हें निलंबित किया गया, उनमें जोनल अधिकारी भेलूपुर अतुल कुमार यादव, सफाई निरीक्षक राजेंद्र सिंह यादव, नृपेंद्र शंकर सिंह, सफाई सुपरवाइजर राजकुमार, संतोष कुमार के अलावा चार सफाईकर्मी लक्ष्मी, आजाद, ओंकार और वीरेंद्र शामिल हैं।
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