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वर्मी कंपोस्ट से बढ़ेगी मिट्टी की उर्वरा शक्ति
Updated Sun, 09 Sep 2018 01:08 AM IST
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ज्ञानपुर। रासायनिक खाद के अधिकाधिक प्रयोग से खेतों पर पड़ रहे दुष्प्रभाव को दूर करने और मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ाने के लिए सरकार गांव-गांव वर्मी कंपोस्ट यूनिट स्थापित कर रही है। वित्तीय वर्ष में 1087 किसानों के सापेक्ष 450 को लाभ दिया जा चुका है। बारिश के चलते जुलाई और अगस्त में बारिश के चलते काम प्रभावित होने के कारण कृषि विभाग अब इस महीने लक्ष्य को पूरा करने की कवायद में जुट गया है। कम समय में अधिक पैदावार की चाहत में किसान रासायनिक उर्वरकों का अत्यधिक प्रयोग कर रहे हैं। इससे मिट्टी में लगातार जीवाश्म कम हो रहे हैं। खेत की सही देखभाल न होने से कुछ दिनों बाद जमीन ऊसर होने लगती है। मिट्टी में उपजाऊ जीवाश्म बढ़ाने के लिए सरकार वर्मी कंपोस्ट खाद को बढ़ावा देने में जुट गई है। इसके तहत अब वर्मी कंपोस्ट यूनिट स्थापित करने पर किसानों को छह हजार रुपये का अनुदान दिया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2018-19 में जिले के सभी राजस्व गांव 1087 में एक-एक यूनिट स्थापित किया जाना है। अप्रैल से लेकर अब तक 450 किसान यूनिट स्थापित कर चुके हैं। जुलाई-अगस्त में बारिश से रुकावट आ गई थी। अब इस माह के अंत तक सभी 1087 यूनिट स्थापित की जाएगी। उप निदेशक कृषि डॉ. अरविंद सिंह ने कहा कि वर्मी कंपोस्ट यूनिट किसानों के लिए काफी लाभकारी है। मात्र 45 दिन में किसानों को कंपोस्ट तैयार मिलेगी। उन्होंने कहा कि यूनिट स्थापित करने में अधिकतम आठ हजार तक खर्च आता है जिसमें छह हजार सरकार किसानों को वापस अनुदान देगी। उन्होंने कहा कि वैसे तो लक्ष्य को मार्च तक पूर्ण करना है लेकिन विभाग सितंबर तक ही सभी यूनिट स्थापित करा देगा।
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