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गंगा तट से बाबा के गर्भगृह तक भक्तों की कतार
Updated Tue, 21 Aug 2018 02:16 AM IST
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वाराणसी। सावन का चौथे सोमवार को बाबा दरबार में आस्था की अटूूट कतार लगी। मंगला आरती के बाद शुरू हुआ जलाभिषेक का सिलसिला देर रात तक जारी रहा। गंगा तट से लेकर गर्भगृह तक बाबा का दरबार बोल बम के जयकारों से गूंजता रहा। सोमवार को जलार्पण के लिए रविवार की रात दस बजे से ही भक्तों की कतार बाबा के दर की ओर बढ़ने लगी थी। मध्यरात्रि तक तो ज्ञानवापी से दोनों तरफ कांवरियों की कतार लग चुकी थी। एक कतार गिरजाघर से लक्सा के तरफ थी तो दूसरी कतार चौक से नीचीबाग से आगे जा पहुंची थी। शयन आरती तक दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा दरबार में हाजिरी लगाई। सावन के चौथे सोमवार पर बाबा विश्वनाथ का रुद्राक्ष शृंगार किया गया। पूरे मंदिर परिसर को रुद्राक्ष से सजाया गया था।
सोमवार की सुबह में मंगला आरती की समाप्ति के बाद भोर में तीन बजकर 55 मिनट पर मंदिर आम दर्शनार्थियों के लिए खोल दिया गया। सायंकाल होने वाली सप्तऋषि आरती तक करीब पौने दो लाख लोगों ने बाबा का दर्शन पूजन किया। मंगला आरती का टिकट लेने वाले दर्शनार्थियों की संख्या अधिक होने से सुरक्षाकर्मियों को भी काफी मशक्कत करनी पड़ी। गेट नंबर एक से प्रवेश देने के लिए दो-दो कतारें लगवानी पड़ीं। बांसफाटक के हौजकटोरा के बीच कई कांवरिये तो कतार में घुसने में कामयाब हो गए लेकिन ज्यादातर को लक्सा की ओर जाकर कतार में सबसे पीछे खड़े होना पड़ा। डाकबम और व दिव्यांगों को गेट नंबर एक (ढुंढिराज) से मंदिर की ओर भेजा गया। पूर्वांचल के विभिन्न शहरों के 58 डाकबम ने अपनी यात्रा पूरी की। डाक बम को मंदिर तक पहुंचाने में श्री बाबा काशी विश्वनाथ भक्त सेवा समिति के स्वयंसेवकों ने सहायता की।
वहीं दूसरी तरफ केदारघाट स्थित गौरीकेदारेश्वर मंदिर, तिलभांडेश्वर महादेव, बीएचयू विश्वनाथ मंदिर में भी पूरे दिन दर्शनार्थियों की लंबी कतार लगी रही। अस्सी स्थित सिद्धेश्वर महादेव मंदिर में जलाभिषेक के लिए भी भक्तों की भीड़ उमड़ी। वैदिक ब्राह्मणों ने रुद्राभिषेक किया गया। शिव भक्तों की सेवा के लिए लक्सा स्थित मारवाड़ी संघ के सामने मारवाड़ी युवक संघ, गोदौलिया पर नागरिक सुरक्षा, समाज संगठन की ओर से सेवा शिविर लगाए गए। बुलानाला पर नरवा बीर बाबा प्रबंध समिति की ओर से फलाहार वितरित किया गया। दशाश्वमेध स्थित चित्तरंजन पार्क में शिव शक्ति कांवरिया तीर्थ यात्री सेवा समिति द्वारा चलाए जा रहे शिविर में हजारों भक्तों की सेवा की गई। शिविर में सोनभद्र, इलाहाबाद, जौनपुर, हैदराबाद, नैनी, शाहगंज, सुल्तानपुर और लखनऊ आदि जगहों से आए दर्शनार्थियों ने आसरा लिया।
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सोमवार की सुबह में मंगला आरती की समाप्ति के बाद भोर में तीन बजकर 55 मिनट पर मंदिर आम दर्शनार्थियों के लिए खोल दिया गया। सायंकाल होने वाली सप्तऋषि आरती तक करीब पौने दो लाख लोगों ने बाबा का दर्शन पूजन किया। मंगला आरती का टिकट लेने वाले दर्शनार्थियों की संख्या अधिक होने से सुरक्षाकर्मियों को भी काफी मशक्कत करनी पड़ी। गेट नंबर एक से प्रवेश देने के लिए दो-दो कतारें लगवानी पड़ीं। बांसफाटक के हौजकटोरा के बीच कई कांवरिये तो कतार में घुसने में कामयाब हो गए लेकिन ज्यादातर को लक्सा की ओर जाकर कतार में सबसे पीछे खड़े होना पड़ा। डाकबम और व दिव्यांगों को गेट नंबर एक (ढुंढिराज) से मंदिर की ओर भेजा गया। पूर्वांचल के विभिन्न शहरों के 58 डाकबम ने अपनी यात्रा पूरी की। डाक बम को मंदिर तक पहुंचाने में श्री बाबा काशी विश्वनाथ भक्त सेवा समिति के स्वयंसेवकों ने सहायता की।
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वहीं दूसरी तरफ केदारघाट स्थित गौरीकेदारेश्वर मंदिर, तिलभांडेश्वर महादेव, बीएचयू विश्वनाथ मंदिर में भी पूरे दिन दर्शनार्थियों की लंबी कतार लगी रही। अस्सी स्थित सिद्धेश्वर महादेव मंदिर में जलाभिषेक के लिए भी भक्तों की भीड़ उमड़ी। वैदिक ब्राह्मणों ने रुद्राभिषेक किया गया। शिव भक्तों की सेवा के लिए लक्सा स्थित मारवाड़ी संघ के सामने मारवाड़ी युवक संघ, गोदौलिया पर नागरिक सुरक्षा, समाज संगठन की ओर से सेवा शिविर लगाए गए। बुलानाला पर नरवा बीर बाबा प्रबंध समिति की ओर से फलाहार वितरित किया गया। दशाश्वमेध स्थित चित्तरंजन पार्क में शिव शक्ति कांवरिया तीर्थ यात्री सेवा समिति द्वारा चलाए जा रहे शिविर में हजारों भक्तों की सेवा की गई। शिविर में सोनभद्र, इलाहाबाद, जौनपुर, हैदराबाद, नैनी, शाहगंज, सुल्तानपुर और लखनऊ आदि जगहों से आए दर्शनार्थियों ने आसरा लिया।
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