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सामूहिक विवाह में अफसरों को रुचि नहीं
Updated Sun, 08 Jul 2018 12:56 AM IST
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ज्ञानपुर। प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के क्रियान्वयन में बीडीओ और नगर निकायों के अधिशासी अधिकारी लापरवाह बने हुए हैं। इससे 11 जुलाई को प्रस्तावित सामूहिक विवाह की तैयारी अधर में लटकती दिख रही है। डीएम के सख्त आदेश को भी अधिकारियों को परवाह नहीं है। सूबे में भाजपा की सरकार बनने के बाद गरीब बेटियों की शादी के लिए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना चलाई गई। उक्त योजना में दो चरणों के दौरान जिले के करीब 86 जोड़ों की शादी कराई गई। अब तीसरे चरण में 11 जुलाई को प्रस्तावित सामूहिक शादी समारोह को संपन्न कराने में समाज कल्याण विभाग जुट गया है, लेकिन उक्त समारोह को संपन्न कराने में बीडीओ और अधिशासी अधिकारी दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। जिससे अब तक मात्र 11 जोड़े ही विभाग को मिल सके हैं। वहीं शासन की गाइडलाइन में सामूहिक विवाह कराने में बीडीओ और ईओ को प्रमुख जिम्मेदारी दी गई है। जोड़ों की खोज, शादी समारोह के स्थल का चयन समेत अन्य कार्य शामिल हैं। ब्लॉक की उदासीनता से तीसरे चरण में होने वाले शादी समारोह में जोड़ों की संख्या कम हो सकती है। बीडीओ और ईओ की उदासीनता को संज्ञान में लेते हुए पांच जुलाई को डीएम राजेंद्र प्रसाद ने जोड़ो के चयन से लेकर अन्य तैयारियों का ब्योरा मांगा, जिसे अब तक नहीं दिया जा सका। मुख्य विकास अधिकारी हरिशंकर सिंह ने कहा कि सामूहिक विवाह में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समारोह में कोई दिक्कत होगी तो बीडीओ और ईओ जिम्मेदार होंगे।
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