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अध्यात्म जीवन की आवश्यकता : विज्ञानदेव जी महाराज

Fri, 24 Nov 2017 01:58 AM IST
Updated Fri, 24 Nov 2017 01:58 AM IST
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अध्यात्म जीवन की आवश्यकता : विज्ञानदेव जी महाराज
चौबेपुर (वाराणसी)। अध्यात्म हमारे जीवन की जरूरत है। इससे हमारे जीवन का संपूर्ण विकास होता है। यह बातें विहंगम योग के संत प्रवर श्री विज्ञान देव जी महाराज ने स्वर्वेद महामंदिर धाम उमरहां में आयोजित विहंगम योग संत समाज के 94 वें वार्षिकोत्सव एवं 5101 कुण्डीय विश्व शांति वैदिक महायज्ञ के कहीं। स्वर्वेद के दोहों की संगीतमय प्रस्तुति से स्रोता मंत्र मुग्ध हो उठे। संत श्री ने ब्रह्मविद्या विहंगम योग के सैद्धांतिक पक्ष को प्रकाशित करते हुए स्वर्वेद की ज्ञान गंगा को प्रवाहित किया।
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उन्होंने कहा कि हमारा यह मानव जीवन अनमोल है। ईश्वर का महान प्रसाद है। हमारे भीतर अनंत शक्ति है। ईश्वर हमारे भीतर बैठे हैं, हमारे अंदर ज्ञान का अनंत प्रकाश है। आवश्यकता है सद्गुरु युक्ति की। इसके द्वारा हमारा जीवन निखर जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत आध्यात्मिक देश रहा है। अध्यात्म से ही हमारी पहचान संपूर्ण विश्व में है। इसी आध्यात्मिक ज्ञान की धारा को विहंगम योग के प्रणेता अनंत श्री सदगुरू सदाफल देव जी भगवान ने अपनी आत्मा में धारण किया और संपूर्ण विश्व की मानवता के कल्याण के लिए उसे स्वर्वेद में अभिव्यक्त कर दिया। आध्यात्मिक जीवन ही श्रेष्ठ जीवन है। विहंगम योग विशुद्ध आध्यात्मिक मार्ग है। विहंगम योग से हम संसार के समस्त कर्तव्यों का पालन करते हुए सांसारिक कष्टों से ऊपर उठ जाते हैं। जीवन में स्वास्थ्य सुख और शांति की त्रिवेणी को प्राप्त कर लेते हैं।
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इसके पूर्व प्रात: 8 बजे भव्य विहंगम योग समारोह का उद्घाटन सद्गुरु स्वतंत्र देव जी महाराज एवं संत प्रवर श्री विज्ञान देव जी महाराज के सान्निध्य में श्वेत ध्वजारोहण से हुआ। सदगुरुदेव द्वारा रचित स्वागत गान एवं विश्व की मंगलकामना से ओतप्रोत मंगल गान तथा स्वामी जी द्वारा रचित उद्घोषणा की प्रस्तुति हुई। तत्पश्चात शारीरिक आरोग्यता के निमित्त योग साधकों को आसन प्राणायाम का प्रशिक्षण प्रशिक्षकों ने दिया। मानव मन की शांति व आध्यात्मिक उत्थान के निमित्त ब्रह्मविद्या विहंगम योग के क्रियात्मक ज्ञान की दीक्षा प्रतिदिन प्रात: 10 बजे से सायं 6 बजे तक दिया जा रहा है। प्रतिदिन कुशल चिकित्सकों के निर्देशन में रोगियों को चिकित्सा परामर्श भी दिया जा रहा है। समाज सेवा कार्यों में जिन सेवकों की भूमिका सराहनीय रही है उन्हें सम्मानित किया गया।
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