{"_id":"59920ecd4f1c1b94758b45b7","slug":"121502744269-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"निजी अस्पतालों के आक्सीजन सिस्टम पर नजर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निजी अस्पतालों के आक्सीजन सिस्टम पर नजर
Updated Tue, 15 Aug 2017 02:35 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में 36 बच्चों की मौत के बाद स्वास्थ्य महकमे में खलबली मची हुई है। इसको देखते हुए बनारस के सरकारी अस्पताल ही नहीं, निजी अस्पतालों पर भी स्वास्थ्य विभाग नजर रखेगा। सीएमओ ने सभी अस्पताल संचालकों को आक्सीजन सिस्टम की विशेष ध्यान देने का निर्देश जारी किया है। इस संबंध में जल्द ही वह अस्पताल संचालकों की बैठक भी बुलाएंगे।
जिले में 300 से अधिक निजी अस्पताल हैं। इनमें कुछ बड़े अस्पतालों में सेंट्रल आक्सीजन सिस्टम है जबकि बाकी अस्पतालों में सिलेंडर के माध्यम से मरीजों को आक्सीजन देने की व्यवस्था है। गोरखपुर की घटना के बाद जिला और मंडलीय अस्पताल में आक्सीजन आपूर्ति की व्यवस्था को सुदृढ़ बनाया जा रहा है। शासन ने प्रदेश के सभी अस्पतालों को अलर्ट करते हुए सीएमओ से अपने यहां जीवन रक्षक व्यवस्थाओं पर मानीटरिंग रहने का निर्देश दिया है। इस बीच सीएमओ डॉ. वीबी सिंह ने निजी अस्पतालों में आक्सीजन सिस्टम की जांच कर संचालकों से मानीटरिंग करते रहने को कहा है। उन्होंने बताया कि सभी सरकारी अस्पतालों में व्यवस्था दुरुस्त है। वहीं, निजी अस्पताल संचालकों की बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें उन्हें इस संबंध में दिशा-निर्देश दिया जाएगा।
विज्ञापन
जिले में 300 से अधिक निजी अस्पताल हैं। इनमें कुछ बड़े अस्पतालों में सेंट्रल आक्सीजन सिस्टम है जबकि बाकी अस्पतालों में सिलेंडर के माध्यम से मरीजों को आक्सीजन देने की व्यवस्था है। गोरखपुर की घटना के बाद जिला और मंडलीय अस्पताल में आक्सीजन आपूर्ति की व्यवस्था को सुदृढ़ बनाया जा रहा है। शासन ने प्रदेश के सभी अस्पतालों को अलर्ट करते हुए सीएमओ से अपने यहां जीवन रक्षक व्यवस्थाओं पर मानीटरिंग रहने का निर्देश दिया है। इस बीच सीएमओ डॉ. वीबी सिंह ने निजी अस्पतालों में आक्सीजन सिस्टम की जांच कर संचालकों से मानीटरिंग करते रहने को कहा है। उन्होंने बताया कि सभी सरकारी अस्पतालों में व्यवस्था दुरुस्त है। वहीं, निजी अस्पताल संचालकों की बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें उन्हें इस संबंध में दिशा-निर्देश दिया जाएगा।
विज्ञापन